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कृषि कार्य में ड्रोन तकनीकी के उपयोग का किया गया प्रदर्शन……

कृषि कार्य में ड्रोन तकनीकी के उपयोग का किया गया प्रदर्शन
बलरामपुर 27 मार्च 2023/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के सहयोग व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंन्द्र बलरामपुर के द्वारा विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम राधाकृष्णनगर के प्रगतिशील कृषक निताई मिस्त्री एवं अन्य कृषकों के फसलों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर जैविक एवं रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव कर प्रदर्शन किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने कृषकों के लगभग 8 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का एवं अन्य फसलों पर ड्रोन तकनीकी का उपयोग कर कृषकों को यह जानकारी दी कि किस प्रकार फसलो में जैविक कीटनाशक एवं रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है।
वर्तमान मे ड्रोन तकनीक कृषि कार्य में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। ड्रोन के द्वारा कीटनाशक एवं तरल उर्वरक फसलों में कम समय में छिड़काव किया जा सकता है। कुछ फसल जैसे मक्का, अरहर, गन्ना जब ऊँचे हो जाते है तो कृषकों को उनमें कीटनाशक का छिड़काव करने में असुविधा होती है साथ ही उनके लिए यह कार्य हानिकारक भी हो सकती है एवं इसमें समय भी ज्यादा लगता है। इस स्थिति में ड्रोन बहुत उपयोगी होता है, इस तकनीक से एक एकड़ क्षेत्र में कीटनाशक एवं तरल उर्वरक के छिड़काव में 10-15 मिनट का समय लगता है, साथ ही साथ इस तकनीक के उपयोग से श्रमिक की आवश्यकता को भी कम किया जा सकता है।
इस प्रदर्शन कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के प्रमुख वरिष्ठ वैज्ञानिक अनिल कुमार सोनपाकर, कृषि वैज्ञानिक डॉ. गौरवकांत निगम, आरती कुजूर तथा कृषकगण उपस्थित थे।

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