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कांग्रेस का सवाल : ओम माथुर बताएं कौन सी योजना केंद्र की है ?

रायपुर । भाजपा प्रभारी ओम माथुर द्वारा दिये गये बयान कि भूपेश सरकार केंद्रीय योजनाओं का नाम बदल रही पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने ओम माथुर को चुनौती देते हुये कहा कि ओम माथुर बताये कौन सी योजना केंद्र की है जिसे भूपेश सरकार ने नाम बदल कर लागू किया है। ओम माथुर उसकी सूची जारी करें अन्यथा झूठ बोलने के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगे। मोदी सरकार ने सिवाय नोटबंदी और जीएसटी के कोई योजना बनाया ही नहीं है। केंद्र में जो योजनायें चल भी रही है वह पूर्ववर्ती कांग्रेस के यूपीए सरकार के समय की योजना है उसमें भी मोदी सरकार ने केंद्रांश को घटा दिया है, राज्यांश को बढ़ा दिया है तथा मनरेगा जैसी योजनाओं का बजट घटा दिया है।

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भूपेश बघेल सरकार राज्य में प्रदेश के जनता की बेहतरी, सुविधा, सुशासन और समृद्धि के लिए 51 योजनाएं संचालित कर रही है जो विशुद्ध रूप से राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इन योजनाओं में केंद्र की मोदी सरकार का कोई योगदान नहीं है। ओम माथुर बतायें भूपेश सरकार के द्वारा लागू किये गये इन योजनाओं में केंद्र ने कहां पर लगाया है? किसान कर्जमाफी योजना जिसमें 19 लाख किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ हुआ। 2500 में किसानों के धान की खरीदी की जा रही है। 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा किया गया है। गरीबों को निःशुल्क अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिये स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना, किसानों को प्रतिएकड़ इनपुट सब्सिडी के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना में 9000 प्रति एकड़। छत्तीसगढ़ में गठित 13800 राजीव मितान क्लब को प्रतिवर्ष प्रति क्लब 1 लाख रू. की धनराशि। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि मजदूरों के लिये राजीव गांधी कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के तहत 7000 रू. वार्षिक, गोधन न्याय योजना में गोबर और गोमूत्र की खरीदी, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी तथा गोठान योजना, युवाओं के लिये बेरोजगारी भत्ता, मुख्यमंत्री शहरी स्लम क्लिनिक योजना, हाट बाजार क्लिनिक, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना। मुख्यमंत्री दाई दीदी क्लिनिक, मुख्यमंत्री धरसा निर्माण योजना, वन क्षेत्रों में 4.5 लाख से अधिक वन अधिकार पट्टों का वितरण, तेंदूपत्ता के संग्राहकों मानदेय 2500 से बढ़ाकर 4000 किया गया, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना 15000 से बढ़ाकर 25000 करना, राम वन गमन पथ योजना, कौशल्या माता के मंदिर का जीर्णोद्धार, जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण, 65 से अधिक वनोपजों की समर्थन मूल्य में खरीदी, 1700 आदिवासियों की जमीन 4200 एकड़ जमीन वापस किया। जेल में निर्दोष आदिवासियों को जेल से बाहर निकालना। बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाना, शिक्षाकर्मियों का संविलियन। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना। पौनी पसारी योजना। सुराजी ग्राम योजना, रूरल इंडस्ट्रीयल योजना(रीपा), छोटे भूखंड की खरीदी तथा जमीनों के गाईड लाईन के भाव स्थरीकरण जैसी योजनायें भूपेश सरकार ने लागू किया है ओम माथूर बताये इन योजनाओं में केंद्र का योगदान है?

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उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को शायद अपनी पार्टी के पाप याद आ रहे हैं। अहमदाबाद में सरदार पटेल के नाम से विख्यात मोंटेरा स्टेडियम को आत्ममुग्धा मोदी ने ख़ुद ही अपना नाम पर किया। आवास योजना के नाम बदले, इंदिरा मातृत्व सहायता योजना के नाम बदले, ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदलकर दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना किया, खेल रत्न पुरस्कार के नाम बदले, विगत 9 साल से लगातार तमाम रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क, चौक चौराहा और भवनों के नाम बदले। केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश कम करके राज्य आज भी बढ़ाए राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ लादने का काम केंद्र की मोदी सरकार कर रही है। आवास योजना में मनमोहन सरकार के समय 75 परसेंट केंद्र सरकार और 25 परसेंट राज्य सरकार का अंश होता था जिसे मोदी सरकार ने 60ः40 कर दिया। पीएम सड़क योजना में शत-प्रतिशत राशि केंद्र के द्वारा दी जाती थी जिसे मोदी सरकार ने 60ः40 कर दिया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन में 85ः15 का अनुपात होता है जिसे मोदी सरकार ने 60ः40 कर दिया। यही नहीं केंद्रीय करों में राज्यों को हिस्सा देने से बचने के लिए सेंट्रल एक्साइज कम करके उसी अनुपात में सेस लगाया गया है। मोदी सरकार की नीतियां सरकारी संघवाद के खिलाफ है राज्यों को आर्थिक चोट पहुंचाकर देश की समृद्धि संभव नहीं।

Pradesh Khabar

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