ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग नीति से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : रीपा से मिलेगी समृद्धि

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग नीति से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : रीपा से मिलेगी समृद्धि

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार प्रदान कर उनकी आमदनी को बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग नीति-2022 लागू की गई है

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राज्य में ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग को प्रोत्साहन देने के तहत 600 करोड़ रूपये की लागत से 300 रूरल एण्डस्ट्रीयल पार्क की स्थापना (रीपा) को स्वीकृति दी गई है। साथ ही 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण औद्योगिक पार्क बनाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति में छोटे निवेशकों को सेवा क्षेत्र में उद्यम के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे विकासखण्डों जिनमें पारंपरिक रूप से ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग प्रचलित है, उन
विकासखण्डों को उच्च प्राथमिकता विकासखण्ड के रूप में वर्गीकृत कर सामान्य से अधिक अनुदान प्रदान किये जा रहे है। इस नीति के अंतर्गत अनुदान प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक नहीं कि इकाई ग्रामीण क्षेत्र में ही स्थापित हो। ग्रामीण क्षेत्रों की भांति ही शहरी क्षेत्रों में अर्बन इण्डस्ट्रीयल पार्क की स्थापना का कार्य भी किया जा रहा है।
राज्य की पारम्परिक कलाओं जैसे हैण्डलूम वीविंग, मधु मक्खी पालन, लाख, जड़ी बुटी संग्रहण, बेल मेटल, ढोकरा शिल्प, बांस शिल्प, गोबर एवं गौ मूत्र से बने उत्पाद, वनोपज से बने उत्पाद, अगरबत्ती, मोमबत्ती निर्माण, सिलाई, बुनाई इत्यादि को उच्च प्राथमिकता एवं प्राथमिकता निर्धारित कर विशेष प्रोत्साहन प्रदान किये जा रहे हैं। इस नीति के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। आईटीआई, पॉलिटेक्निक आद में ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी तथा भविष्य के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी।