संविदा लिपिक को विगत 3 वर्षों से 67 सौ प्रति माह किया जा रहा अतिरिक्त भुगतान

संविदा लिपिक को विगत 3 वर्षों से 67 सौ प्रति माह किया जा रहा अतिरिक्त भुगतान

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मामला जनपद पंचायत साजा के संविदा लिपिक (ग्रेड 3) का

शासन को लग चुका लाखों का चुना

मामला सामने आने के बाद भी कार्यवाही के लिए अब तक कोई पहल नहीं

बेमेतरा – शासकीय कार्यालय में एक लिपिक (बाबू) को उसके सेवानिवृति के बाद पुनः सविंदा नियुक्ति पर रखकर उसको वेतन दिया जाता हैं मगर उसके वेतन का निर्धारण गलत कर उसको नियमों के विरुद्ध प्रति माह अतिरिक्त भुगतान कर शासन को लाखों रुपए का चुना लगाया जा रहा हैं। वहीं यह मामला सामने आने के बाद भी कार्यवाही के लिए अब तक कोई पहल नहीं किया जाना समझ से परे हैं। इससे तो यही सिद्ध होता हैं कि यह सब अधिकारीयों की जानकारी व सहमति से हो रहा हैं।

यह हैं पूरा मामला – जिलें के जनपद पंचायत साजा में लिपिक रेवाराम वर्मा (सहायक ग्रेड 03) में पदस्थ थे, जो नवंबर 2020 को सेवानिवृत हुए। वहीं उनको संविदा नियुक्ति पर रखने के लिए आदेश जारी कर दिसंबर 2020 से सेवा वृद्धि करते हुए पुनः सहायक ग्रेड 03 पर नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति के लिए जनपद पंचायत साजा के सामान्य सभा में अनुमोदन भी किया गया। जिसके लिए उन्हें बकायदा 20900 रु का वेतन भुगतान भी प्रति माह किया जा रहा हैं। जबकि सहायक ग्रेड 03 के संविदा कर्मचारी का वेतन नियमानुसार 14200 रु करना चाहिए, मगर उन्हें प्रति माह 6700 सौ रु का अतिरिक्त वेतन भुगतान कर शासन को शुद्ध चुना लगा कर आर्थिक अनियमितता व नुकसान किया जा रहा हैं।

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राज्य शासन का एकमुश्त संविदा वेतन निर्धारण नियम – छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के वित्त निर्देश के आदेश क्रमांक 336/ एफ-2019-53-01932/वि/नि/चार दिनांक 2 अगस्त 2019 के अनुसार राज्य शासन की सेवाओं के विभिन्न पदों पर एकमुश्त संविदा वेतन निर्धारण कर स्लेब बनाया गया हैं। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया हैं कि संविदा नियुक्ति के पद का पुनरिक्षित वेतन संरचना में वेतन मैट्रिक्स में लेबल 4 अंतर्गत संविदाकर्मी लिपिक सहायक ग्रेड 03 को वेतन 14200 रु प्रति माह दिया जाना हैं, मगर जनपद पंचायत साजा में उक्त पद पर नियुक्त संविदाकर्मी को प्रति माह 20900 रु दिया जा रहा हैं, जो कि पूर्णतः नियम विरुद्ध गलत हैं और जपं साजा से संविदाकर्मी को प्रति माह 6700 रु का अतिरिक्त वेतन भुगतान कर शासन को सीधा चुना लगाते हुए नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं। इस प्रकार जनपद पंचायत साजा में उक्त संविदाकर्मी सहायक ग्रेड 03 रेवाराम वर्मा को दिसंबर 2020 से मई 2023 तक 30 माह 6700 रु अतिरिक्त वेतन भुगतान करते हुए 2.01 लाख रुपये का अतिरिक्त वेतन भुगतान कर शासन को चुना लगाकर आर्थिक अनियमितता किया जा चुका हैं। उक्त संविदाकर्मी को उनके 30 माह का 4.26 लाख रुपये वेतन भुगतान करना था, मगर इसको 6.27 लाख रुपये का वेतन भुगतान किया गया हैं। अब उक्त संविदाकर्मी को हुए 2.01 लाख रुपये के अतिरिक्त वेतन भुगतान की वसूली बनती हैं, तो अब देखने वाली बात यह होंगी कि यह वसूली किससे और कब होगी। वहीं इस सभी भुगतान में सीधे तौर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी दोषी हैं, जिनके जानकारी में यह अतिरिक्त भुगतान हुआ हैं।

खास बात – सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी भी कर्मचारी की संविदा नियुक्ति के लिए जनपद पंचायत में अनुमोदन पश्चात उसका अनुमोदन जिला पंचायत से भी किया जाता हैं, मगर जनपद पंचायत साजा में इस नियम को भी दरकिनार कर नियुक्ति किया गया हैं। जपं साजा में कर्मचारी की संविदा नियुक्ति करने में अधिकारी द्वारा जिला पंचायत से भी अनुमोदन कराना आवश्यक नहीं समझा गया। वही सूत्रों से जानकारी के अनुसार संविदा नियुक्ति के लिए अधिकतम मात्र दो वर्ष तक ही की जाती हैं, मगर जपं साजा में उक्त लिपिक का यह तीसरा वर्ष चल रहा हैं।

मामला सामने आने के बाद भी कार्यवाही के लिए कोई पहल नहीं – जनपद पंचायत साजा में इस आर्थिक अनियमितता व गड़बड़ी का मामला उजागर होने के बाद भी अधिकारीयों द्वारा आगे की नियमानुसार उचित कार्यवाही के लिए कोई पहल नहीं करना समझ से परे हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त मामले को जनपद पंचायत में नियुक्त लेखाधिकारी द्वारा पकड़ते हुए सभी के सामने लाया गया। उनके द्वारा ईमानदारी का परिचय देते हुए शासन को हो रही आर्थिक नुकसान से बचाने का भी कार्य किया, जो सराहनीय हैं।

अतिरिक्त पेमेंट नहीं हो रहा हैं, सर्कुलर के अनुसार उन्हें वेतन भुगतान हो रहा हैं, आपको गाइड लाइन दिखा दूंगी।
———- क्रांति ध्रुव, सीईओ, जंप साजा