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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 जुलाई शनिवार को अंबिकापुर शासकीय मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित भवन का करेंगे लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 जुलाई शनिवार को अंबिकापुर शासकीय मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित भवन का करेंगे लोकार्पण

मेडिकल कालेज कुल 374.08 करोड़ की लागत से निर्मित, चिकित्सालय और आवासीय परिसर भी शामिल, 8 विभागों का होगा संचालन

बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में मजबूत कदम, इस मेडिकल कॉलेज में स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण और इलाज की विशेष सुविधा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 जुलाई शनिवार को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे। राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन, चिकित्सालय एवं आवासीय परिसर की कुल लागत 374.08 करोड़ रुपए है। इस मेडिकल कॉलेज की खासियत है कि यहां मेडिकल स्टूडेंट्स के कौशल एवं दक्षता विकास के लिए स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण एवं ईलाज की विशेष सुविधा उपलब्ध है।

वायरोलाजी व हमर लैब भी यहां मौजूद- माता राजमोहिनी देवी स्मृति चिकित्सालय में मेडिसीन, सर्जरी, आर्थाेपेडिक्स स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, शिशुरोग विभाग, निश्चेतना विभाग, नेत्ररोग विभाग, ई०एन०टी० विभाग, चर्मरोग विभाग, रेडियो डायग्नोसिस विभाग, मनोरोग विभाग, दंतरोग विभाग, टी०बी० एण्ड चेस्ट विभाग, ब्लड बैंक, शव परीक्षण गृह, सेंट्रल लेब इत्यादि अधोसंरचना का भाग है। चिकित्सालय के वायरोलॉजी एवं हमर लैब में कोविड-19, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पाईरा, स्क्रब टायफस, इन्फ्लूएंजा इत्यादि बिमारियों के जाँच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

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नवीन महाविद्यालयीन भवन में 8 विभागों का होगा संचालन-

मेडिकल कॉलेज के नवीन महाविद्यालयीन भवन में कुल 8 विभाग संचालित होंगे। जिनमें एनाटॉमी विभाग में बॉडी डिसेक्शन, हिस्टोलोजी एवं शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ देहदान और फ्यूनरल एम्बलमिंग के भी कार्य किए जाएंगे। बायोकेमेस्ट्री विभाग में परीक्षण कार्य तथा हार्माेनल एस्से किए जाएंगे, यहां सिकल सेल यूनिट, एचपीएलसी मशीन है। फिजियोलॉजी विभाग में विद्यार्थियों को शरीर की क्रिया का ज्ञान दिया जाता है, जिसमें हेमटोलॉजी लैब,क्लिनिकल लैब, एक्सपेरिमेंटल लैब है, यहां विद्यार्थियों को कंप्यूटर असिस्टेड लर्निंग भी कराई जाती है। कम्यूनिटी मेडिसीन विभाग में एपिडेमियोलॉजी एवं स्टैटिक्स लैब है, यहां राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विभिन्न हेल्थ प्रोग्राम तथा विद्यार्थियों का प्रशिक्षण कराया जाता है। इसी प्रकार फोरेंसिक मेडिसीन विभाग में क्लीनिकल फोरेंसिक मेडिसीन लैब एवं टॉक्सिकोलॉजी म्यूजियम है, विभाग द्वारा शव परीक्षण का कार्य अस्पताल के मोर्चरी में किया जाता है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सेरोलॉय, बैक्टरियोलॉजी, माइकोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैरासीटोलॉजी, वायरोलॉजी से संबंधित विभिन्न टेस्ट किये जाते हैं। वहीं फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा विभिन्न दवाईयों के एडवर्स रिएक्शन की जानकारी एकत्रित कर नेशनल पोर्टल पर अपलोड किए जाने का कार्य किया जाता है, यहां कंप्यूटर अस्सिटेड लर्निंग एवं मेनीकिन्स द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

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