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शिक्षा, चिकित्सा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : भूपेश बघेल

रायपुर । मुख्यमंत्री बघेल शनिवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सरगुजा जिले में आयोजित ‘राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए । इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी तथा कार्यक्रम स्थल में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी वहां कार्यक्रम स्थल में आपके पास जाना चाहते थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण वर्चुअली जुड़ना पड़ा । आप सभी सरगुजा वासियों की जो भावनाएं थी आज उसके अनुरूप मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण हुआ । राजमाता जी से हमारी मुलाकात होती थी उतना ही प्रेम, स्नेह और  वही दुलार हम सभी को भी मिलता था जो सरगुजा वासियों को और राज परिवार के सदस्यों को मिलता रहा । आज उनकी स्मृति में इस महाविद्यालय का लोकार्पण किया जा रहा है तो निश्चित रूप से वे जहां भी होंगी हमें अपना आशीर्वाद दे रही होंगी । चिकित्सा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, रोजगार के क्षेत्र में, कृषि के क्षेत्र में वनांचल में रहने वाले हमारे सरगुजा वासियों के  आय में जिस प्रकार से वृद्धि का कार्य हमारी सरकार कर रही है निश्चित रूप से उनका आशीर्वाद हमको मिल रहा होगा।

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उन्होंने कहा कि आज का यह दिन सरगुजा के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धियों वाला दिन है। मेरे लिए भी यह बहुत खुशी का अवसर है कि आज राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का लोकार्पण हो रहा है। इस मेडिकल कॉलेज भवन, चिकित्सालय और आवासीय परिसर की कुल लागत 374 करोड़ रुपए है। इस मेडिकल कॉलेज की खासियत है कि यहां मेडिकल स्टूडेंट्स के कौशल एवं दक्षता विकास के लिए स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण एवं ईलाज की विशेष सुविधा उपलब्ध है। माता राजमोहिनी देवी स्मृति चिकित्सालय में मेडिसीन, सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, शिशुरोग विभाग, निश्चेतना विभाग, नेत्ररोग विभाग सहित तमाम तरह के विभाग हैं। अस्पताल में और भी अनेक तरह की अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नये कॉलेज भवन में 08 विभागों का संचालन होगा, इनमें एनाटॉमी, बायोकेमेस्ट्री, फिजियोलॉजी, कम्यूनिटी मेडिसीन, फोरेंसिक मेडिसीन माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी विभाग शामिल हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की अधोसंरचना का काम पूरा हो जाने से पूरे सरगुजा संभाग को इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरगुजा संभाग एक आदिवासी बहुल संभाग है। यह समाज का वह तबका है जो सदियों से मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित रहा है। मुझे इस बात की खुशी है कि हमारे प्रयासों से आज प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा और शिक्षा की रौशनी पहुंच रही है। हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना की जब शुरुआत की थी, तब उसका उद्देश्य यही था कि हम दुर्गम से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा पाएं। जब हमने मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना और दाई-दीदी क्लीनिक योजना शुरू की, तब हमारा उद्देश्य शहर की स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब लोगों और माताओं-बहनों की चौखट तक चिकित्सा सुविधा पहुंचा पाएं, लेकिन हमारा लक्ष्य इससे भी कहीं ज्यादा बड़ा है। हम नागरिकों तक केवल सुविधा नहीं पहुंचाना चाहते, बल्कि अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम चिकित्सा और शिक्षा की इतनी मजबूत अधोसंरचना का निर्माण करें कि छत्तीसगढ़ की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो। हमारे कार्यकाल में राज्य में 8 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इनमें से 04 खोले जा चुके हैं, 04 और प्रक्रिया में है ।हमने विकासखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक अपने सभी सरकारी अस्पतालों को सुविधाओं से लैस किया है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करते हुए उनकी तैनाती की है।

माँ का आँचल पूरे सरगुजावासियों के लिए था एक समान
उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने भावुकता के साथ अपनी माता जी को याद करते हुए कहा कि आज उनकी स्मृति में यह मेडिकल कॉलेज लोकार्पित हो रहा है । विधानसभा में जब माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही थी तभी मुख्यमंत्री जी ने यह घोषणा की थी कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नाम माताजी के नाम पर होगा । आज राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर हम सब यहां एकत्रित हैं । मेरी माताजी ना केवल मेरे लिये माँ थी, बल्कि उनका आंचल पूरे सरगुजा क्षेत्र के लिए एक बराबर था । वे बड़ी ममत्व एवं प्रेम भाव से सरगुजा को देखती थी । क्षेत्रवासियों के हित में छोटे से छोटा काम लेकर वह मुख्यमंत्री तक जाने से गुरेज नहीं करती थी। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बड़ी संस्था के साथ उनका नाम जोड़कर हम सबको गौरवान्वित किया है। सिंहदेव ने कहा कि उनके माता-पिता के नाम पर अब तक सरगुजा में कोई भी इकाई नहीं थी। जिन्होंने बहुत कुछ किया सरगुजा के लिए परंतु कभी जताया और बताया नहीं । आज आपके माध्यम से यह पहली इकाई है । ऐसी एक ममतामयी स्वरूप को एक सम्मान आज दिया गया है, उसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी एवं छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करता हूं  । प्रदेश में स्थित अन्य मेडिकल कॉलेजों से बेहतर परिस्थितियां इस मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं, ताकि बहुत अच्छे ढंग से यहां बच्चों की पढ़ाई हो सके और यहां से उत्तीर्ण होने के बाद डॉक्टर  प्रदेश में अपनी सेवाएं देंगे ।

अनेक सुविधाओं से लैस है मेडिकल कॉलेज
374.08 करोड़ की लागत से निर्मित इस परिसर में मुख्य रूप से 54.26 करोड़ रुपए की लागत से बने महाविद्यालय भवन, 120.73 करोड़ रुपए की लागत से बने हॉस्पिटल भवन के साथ ऑडिटोरियम, छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, डीन आवास सहित अन्य कार्य शामिल है। यह राज्य का छठवां मेडिकल कॉलेज है। इस मेडिकल कॉलेज की खासियत है कि यहां मेडिकल स्टूडेंट्स के कौशल एवं दक्षता विकास के लिए वृहद स्किल्स लैब और बहरेपन के परीक्षण एवं ईलाज की विशेष सुविधा उपलब्ध है।

मेडिकल कॉलेज के नवीन महाविद्यालयीन भवन में कुल 07 विभाग संचालित होंगे। जिनमें एनाटॉमी विभाग, बायोकेमेस्ट्री विभाग, फिजियोलॉजी विभाग, कम्यूनिटी मेडिसीन विभाग, फोरेंसिक मेडिसीन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, फार्माकोलॉजी विभाग विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यहाँ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सुविधाजनक प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था है।

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