
भ्रष्टाचार की चासनी में बड़े आराम से लगा रहे गोता, अधिकारी से भी ऊपर मानते हैं अपने आप को….
वर्षो से कुण्डली मार कर बैठे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नवीन केसरी भ्रष्टाचार की चासनी में बड़े आराम से लगा रहे गोता, अधिकारी से भी ऊपर मानते हैं अपने आप को….
शुभांकुर पाण्डेय अंबिकापुर :- कृषि विभाग अंबिकापुर में गजब मिलीभगत हैं यहाँ DDA उप संचालक कृषि के अधीनस्थ काम करने वाले श्रीमान नवीन केसरी अपनी दबंगई अक्सर दिखाते नजर आ ही जाते हैं जिससे यह स्पष्ट रूप से माना जा सकता हैं की महोदय अपने आला अफसरों से लेकर नेता मंत्रीओं तक की जी हुजूरी जम कर कर लेते हैं.
मिली जानकारी के अनुसार कृषि विभाग में भ्रष्टाचार करने की होड़ अव्वल दर्जा लगभग – लगभग हमेशा हासिल किये ही रहते हैं श्रीमान नवीन केसरी जी की भ्रष्टाचारी वाली नियत की अगर बात की जाये तो यह महोदय लगभग विगत 10 वर्षो से भी अधिक समय से एक ही जगह पर अजगर की तरह कुण्डली मार कर बैठे हैं अब इन भ्रष्टाचारी अधिकारी के द्वारा शासन की तमाम जनहित वाली योजनाओं को चपत लगाने के बाद भी इन पर आला अधिकारीयों की मेहरबानी क्यों हैं यह तो अधिकारी ही जाने.
अगर हमारे अनुसार आला अफसरों के विचारों की बात करें तो हो सकता हैं की विभाग के आला अफसरों के नजरिये से ये नवीन केसरी जैसा काबिल भ्रष्टाचारी व्यक्ति नजर नहीं आया होगा जो अपने कड़ी लगन एवं मेहनत से शासन योजनाओं में चपत लगाकर हितग्राहियों को मिलाने वाले लाभ से वंचित कर किये गए भ्रष्टाचार के माध्यम से प्राप्त मोटी रकम का बंदरबाट पूरी ईमानदारी से कर सके इस कारण इन श्रीमान को इस कार्यालय में वर्षो से फेविकोल की जोड़ की तरह मलाईदार कुर्सी से जोड़ कर रखा गया हैं.
विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमान नवीन केसरी जी एकमात्र ऐसे अव्वल काबिल भ्रष्टाचारी अधिकारी हैं जिनके पास केंद्रीय एवं राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण योजनाओं का दायित्व इनके पास हैं.
दूसरों से मिली जानकारी के अनुसार श्री भ्रष्टाचारी अधिकारी श्रीमान नवीन केसरी का मासिक वेतन लगभग 50 से ₹60 हजार होगा लेकिन इन महोदय की जीवन शैली एवं रहन को देखकर ऐसा प्रतीत होता हैं की इनके रसूखदारी एवं दबंगई के अनुसार करोड़ों रूपए की अवैध रूप से किये गए कमाई की राशि की ही दें हैं।
जल्द ही हम आपको इनके द्वारा किये गए करोड़ों रूपए की भ्रष्टाचारी वाली नियत से केंद्रीय एवं राज्य शासन के द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं में लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ से वंचित कर अपने आपको खुद स्वयंभू मानकर किए गए भ्रष्टाचार की परत दर परत पोल खोलेंगे।












