कृषक उन्नति योजना: आदान सहायता राशि पाकर भावुक हो उठी खोमिन बाई

कृषक उन्नति योजना: आदान सहायता राशि पाकर भावुक हो उठी खोमिन बाई

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

किसानों के लिए आदान सहायता शुरू करने के लिए जताया प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

रायपुर// मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना में किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 13 हजार 320 करोड़ रूपए की राशि भेजी तब कई किसानों के आंखों में खुशी के आंसू छलके। वहीं बालोद की महिला किसान श्रीमती खोमिन बाई ठाकुर भावुक हो उठी। दरअसल उनके पति का कुछ वर्षों पहले ही निधन हुआ था। जब खाते में उनके आदान सहायता की राशि मिली तब वह अपने पति को याद कर भावुक हो उठी। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी खोमिन बाई को ढांढस बंधाया। श्रीमती खोमिन बाई के खाते में 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की आदान सहायता राशि आई है। गौरतलब है कि किसानों को आदान सहायता प्रदान करने के लिए कृषक उन्नति योजना शुरू की गई है।
बरबसपुर की रहने वाली महिला किसान खोमिन बाई ने कहा कि पहले खेती किसानी में लागत अधिक लगने से कम लाभ होता था पर अब मुख्यमंत्री जी ने प्रति एकड़ 21 किविंटल धान खरीदने और धान की कीमत 3100 रुपये में देने से खेती-किसानी लाभप्रद हो गई है। ऐसे किसान हितैषी सरकार के मुखिया श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
श्रीमती खोमिन ने बताया कि उनके पास कुल 30 एकड़ जमीन हैं। इस वित्तीय वर्ष में बेचे गए धान का समर्थन मूल्य की राशि 13 लाख 75 हजार रूपए पहले ही मिल चुकी है। अंतर की राशि आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाकर मुझे काफी खुशी हो रही है। मैंने 5 एकड़ में रबी फसल की बोनी की है। समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा घोषित किए गए उपार्जन मूल्य के अंतर की राशि के रूप में उन्हें 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की राशि मिली है। इस राशि से वह खेती-बाड़ी और बच्चों की पढ़ाई में खर्च करेगी।
श्रीमती खोमिन बाई ने बताया कि उनके पति आज जीवित होते तो वे बहुत खुश होते। उनके होने से परिवार की खुशी दोगुनी हो जाती। उनके पति का निधन कोविड से हुआ है। तब से वह खेती-किसानी कर परिवार की जिम्मेदारी को वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि चार लोगो का भरा पूरा परिवार था, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, फिर भी वह पूरे हिम्मत के साथ परिवार के पालन पोषण कर रही है। उनका एक लड़का है वह 12वी तक पढ़ाई किया है और एक लड़की वर्तमान में दुर्ग में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।