खेल अलंकरण के नाम पर झूठा श्रेय लेने की राजनीति

खेल अलंकरण के नाम पर झूठा श्रेय लेने की राजनीति

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खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन, खेल विकास प्राधिकरण का गठन कांग्रेस सरकार में हुए, साय सरकार में तो खेल बजट में कटौती कर दी गई

रायपुर //खेल अलंकरण समारोह को लेकर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के दावे पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विष्णुदेव साय की वर्तमान सरकार जिन खिलाड़ियों का सम्मान कर रही है, ये सारे आयोजन पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय हुए, यहां तक कि पुरस्कृत खिलाड़ियों की यह सूची भी पूर्ववर्ती सरकार में ही तैयार हुई थी। विगत 3 महीने की साय सरकार में किसी भी खेल का एक भी आयोजन नहीं हुआ है और न ही नया कोई काम साय सरकार में शुरू कर पाए हैं बल्कि उल्टे खेल एवं युवा कल्याण के बजट में कटौती कर दी गई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय 2 साल तक कोरोना काल था, जिसके तहत किसी भी तरह के अवार्ड सेरेमनी पर प्रतिबंध लगा था। कोरोना काल के बाद से हर बड़े प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित करने लगातार समारोह आयोजित होते रहे हैं। सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गुजरात में आयोजित 36 में राष्ट्रीय खेल में राज्य का गौरव बढ़ाने वाले पदकवीर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधकों का सम्मान 23 जून 2023 को किया गया था जिसमें 16 लाख़ 35 हजार के पुरस्कार के साथ ही कई तरह की सुविधाओं की घोषणा भी की गई थी। 2018 से 23 के बीच इस तरह के और भी सम्मान समारोह आयोजित हुए छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने का काम पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने किया था छत्तीसगढ़ में दो आवासीय अकादमी के संचालन के साथ ही 21 अकादमी संचालित किए गए। कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल और राष्ट्रीय खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे। 23 जून 2023 को भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय खेलों में व्यक्तिगत एवं टीम स्पर्धा में पदक जीतने वाले 64 खिलाड़ी, विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले 89 अन्य खिलाड़ी तथा 38 प्रशिक्षक प्रबंध को सम्मानित किया था। हकीकत यही है कि विष्णुदेव साय सरकार में छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कोई काम नहीं हुए केवल और केवल श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है।

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दिशा में ऐतिहासिक काम हुए। छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट हुए, मलखंभ में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने दुनिया में इतिहास रचा, लाभांडी में अंतरराष्ट्रीय टेनिस कोर्ट का निर्माण हुआ, महासमुंद में सर्व सुविधा युक्त हॉकी और फुटबॉल स्टेडियम बने, बालोद में नया इंदौर स्टेडियम बनाया गया, अंबिकापुर में 100 करोड़ की लागत से नया इंदौर स्टेडियम पीजी कॉलेज में हॉकी स्टेडियम, कुमारी में 100 करोड़ की लागत से नया क्रिकेट स्टेडियम बना, नेहरू नगर में इंडोर स्टेडियम, नारायणपुर के मलखंब अकादमी का उन्नयन खिलाड़ियों के भोजन और प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की गई। छत्तीसगढ़िया पारंपरिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का सफल आयोजन हुआ। वर्तमान विष्णुदेव सरकार की बदनियती से अब आबंटित फंड में कटौती कर दी गई है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के दौरान ही खेल संचालनालय ने विभिन्न खेलों की खेलो इण्डिया सेंटर प्रारंभ करने का प्रस्ताव भारतीय खेल प्राधिकरण को भेजा गया था, जिसमें से शिवतराई बिलासपुर में तीरंदाजी सेंटर, बीजापुर में तीरंदाजी सेंटर, राजनांदगांव में हॉकी सेंटर, जशपुर में हॉकी सेंटर, गरियाबंद में व्हॉलीबॉल सेंटर, नारायणपुर में मलखम्भ सेंटर और सरगुजा में फुटबॉल खेल की खेलो इण्डिया सेंटर प्रारंभ करने की स्वीकृति भारतीय खेल प्राधिकरण से प्राप्त की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में खेलों का प्रशिक्षण अब और मजबूत होगा। इन सभी खेलो इण्डिया सेंटर्स को प्रारंभ करते हुए खेल संचालनालय द्वारा लगातार इन सेंटर्स की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से खेल अकादमी खिलाड़ी और प्रशिक्षक उपेक्षित है। अपनी नाकामियों पर परदेदारी करने के लिए विष्णु देव साय सरकार खेल अलंकरण समारोह के नाम पर केवल राजनीति कर रही हैं।