विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ विविध कार्यक्रम

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अपने आने वाले जनरेशन के लिए पूर्वजों से मिले शुद्ध पर्यावरण को ब्याज के साथ लौटना होगा -महाप्रबंधक अजय तिवारी

गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर – अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संतुलन बनाकर देना ही होगा। पर्यावरण अर्थात जीवन वायु जो हमारे पूर्वजों से मिला है उसे हमें आने वाला पीढ़ियों ब्याज के साथ देना ही होगा ।

उक्त उदगार एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक अजय तिवारी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कहीं ।इन्होंने आगे कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस वर्ष 1972 से मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा इसका प्रचार प्रसार करना है ।5 जून 1973 का थीम था मरुस्थल को भी हरा भरा बनाना । हम सब को अपने आने वाली जनरेशन को एक स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। विरासत में हमारे पुरखों ने हमें संतुलित पर्यावरण प्रदान किया था उसे सूद ब्याज के साथ अपने जनरेशन को लौटाना होगा। पर्यावरण जीवन दायिनी है।यदि पर्यावरण ही संतुलित न हो तो हमारा आने वाला जेनरेशन का क्या होगा? इस विषय पर हम सब को सूचना होगा और आवश्यक कदम उठाकर धरती को हरा भरा करना ही होगा।
इस अवसर पर महाप्रबंधक खनन संजय कुमार सिंह ने एसईसीएल सीएमडी का पर्यावरण से संबंधित संदेश का वाचन किया।
पर्यावरण दिवस पर सीएमडी पीएम प्रसाद का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएमडी श्री पी एम प्रसाद का संदेश में कहा है कि हमारे पास निवास योग्य केवल एक धरती है। धरती माता और पारिस्थितिकी तंत्र के अत्यधिक दोहन के खतरनाक प्रभाव कई सालों पूर्व से ही दृष्टिगोचर है और अब पे बढ़ते ही जा रहें हैं। पर्यावरण को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित एव संरक्षित करने की आवश्यकता है, खास तौर पर आने वाली पीढ़ियों के लिए। हम सभी जानते है कि हमारे पह पर भूमि सिर्फ 29% है जबकि बाकी हिस्सा पानी से भरा है, जिसमें से ज्यादातर समुद्री हिस्सा है। हालांकि, इसके सबसे कीमती संसाधन भूमि का क्षरण हो रहा है जो धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। कोयला खनन उद्योग में होने के नाते हम महसूस करते हैं कि भूमि कितनी महत्वपूर्ण संपत्ति है।

सऊदी अरब द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष की थीम “भूमि पुनरुद्धार, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की क्षमता है। मरुस्थलीकरण की दर, अर्थात प्राकृतिक प्रक्रियाओं और मानवीय गतिविधियों के संयोजन के कारण उपजाऊ भूमि का धीरे-धीरे बजर रेगिस्तान में परिवर्तन, एक बहुत बड़ी चिता का विषय है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पृथ्वी का दो-तिहाई हिस्सा मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहा है और यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो 2050 तक 15 मिलियन वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि जो भारत की संपूर्ण कृषि योग्य भूमि के बराबर है. खत्म हो जाएगी। जैव विविधता को बनाए रखने और आबादी को भोजन उपलब्ध कराने के लिए भूमि का इतना बड़ा हिस्सा काफी महत्वपूर्ण है। मरुस्थतीकरण से निपटने के लिए सयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अनुसार 250 मिलियन लोगों का जीवन पहले से ही मरुस्थलीकरण से प्रभावित है और 2045 तक 135 मिलियन लोग विस्थापित होने की कगार पर है। उल्लेखनीय है कि ग्रह की 40 प्रतिशत भूमि पहले ही क्षरित हो चुकी है। इसके अलावा, वर्ष 2000 के बाद से सूखे की संख्या में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो वर्ष 2050 तक विश्व की तीन-चौधाई से अधिक आबादी सूखे से प्रभावित हो सकती है। इन आंकड़ों का विशाल स्तर वास्तव में भयावह है।

इसकी जागरूकता बढ़ाने, सतत प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, वनरोपण के प्रति प्रतिबद्धता, वनस्पति आवरण को सरक्षित और पुनर्जीवित करने, वर्षा जल संचयन, अधिक पेड़ लगाने और अन्य उपायों के अलावा जैविक कचरे के पुनर्चक्रण की आवश्यकता को बल मिलता है।

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एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में कोत इंडिया अपने उत्पादन और कोयला परिवहन में पर्यावरण के अनुकूल खनन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दे रही है। वृक्षारोपण के माध्यम से अपने खनन क्षेत्रों में हरित आवरण बनाने में सीआईएल के प्रयासों में निरंतर वृद्धि देखी गई है। सरकार के ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौधे लगाने का प्रयास किया जा रहा है। 32 इको पार्क, खान पर्यटन और इको पुनर्स्थापना स्थलों के साथ वित्त वर्ष 2029 तक 50 स्थलों को विकसित करने का लक्ष्य है। खनन क्षेत्रों के निकट 857 गावों के लगभग 1162 लाख लोग घरेलू और सिचाई उद्देश्यों के लिए सीआईएल की खान जल आपूर्ति से लाभान्वित हुए है। कपनी ने 465 वर्षा जल संचयन परियोजनाएं विकसित की हैं। समुदाय को लाभान्वित करने के उद्देश्य से भूमि के पुनरुद्देश्यीकरण के लिए खदान को स्थायी तौर पर बंद करने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। पारिस्थितिकी बहाली सीआईएल में एक बहुआयामी सतत प्रयास है।

ध्रुवीय अण्वेषक तथा पर्यावरणविद् रॉबर्ट स्वान ने कहा था. हमारे ग्रह के लिए सबसे बड़ा खतरा पह विश्वास है कि इसे कोई और बचा लेगा। इसलिए, यह आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के सरक्षण हेतु में अपना सर्वश्श्रेष्ठ योगदान दें।

जो पर्यावरण के प्रति समर्पित हो उसे आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा- रामेंद्र नारायण सिंह
इस अवसर पर इस अवसर पर एक्सल की क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी रामेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि पौधे लगाते रहते हैं परंतु इन्हें संरक्षण संवर्धन करने वालों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना होगा इन्होंने कर्म और स्थित सेवा निर्मित सेवा निर्मित कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद दुबे उर्फ गडिल पंडित द्वारा लगाए गए विशाल विभिन्न प्रजाति के फलदार वृक्षों के लिए अपनी जीवन की गाड़ी कमाई लगा देने का उल्लेख करते हुए का कि ऐसे वृक्ष मित्र प्रेमियों को हर सुविधा उपलब्ध करानी होगी इन्होंने विश्रामपुर नगर के विभिन्न स्थान में वित्त विभाग में कार्यरत शैलेश चौबे द्वारा कार्यों का प्रसन्नता करते हुए उन्हें हर तरह से सहयोग करने की महाप्रबंधक से अपील की.
इस अवसर पर इस अवसर पर जीसीसी सदस्यों में पंकज गर्ग, देवेंद्र मिश्रा आज ने भी संबोधित किया। आयोजन से पूर्व अधिकारी कर्मचारी आदि ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधा वितरण का कार्यक्रम किया
विश्व पर्यावरण दिवस पर स्लोगन,निबंध, चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्लोगन ,निबंध, चित्रकारी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कक्षा पांचवी से 12वीं तक के बच्चों के लिए चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें तनिष्का यादव प्रथम, प्रियांशु गौतम द्वितीय, आयुष पंडित तृतीया, शौर्य बंसल चतुर्थ स्थान प्राप्त किया ।इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता में आस्था सिंह प्रथम, अक्शा खान द्वितीय स्थान प्राप्त किया ।अधिकारी कर्मचारी निबंध प्रतियोगिता में अविनाश मालकर मैनेजर क्षेत्रीय कार्यालय प्रथम, वीपी सिंह मैनेजर ओसीएम द्वितीय, अताउल्लाह खान क्षेत्रीय कार्यालय तृतीय ,दुष्यंत ओझा मैनेजर क्षेत्रीय मुख्यालय बिश्रामपुर चतुर्थी स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार स्लोगन प्रतियोगिता में चरणजीत सिंह टेक्निकल इंस्पेक्टर अमेरा प्रथम, चंदन चमन मैनेजर माइंस गायत्री द्वितीय ,अमन कश्यप कन्वेयर ऑपरेटर गायत्री तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों के विजेताओ को सम्मानित शिवानी महिला मंडल समिति के अध्यक्ष श्रीमती ममता तिवारी, महाप्रबंधक अजय तिवारी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। शिवानी महिला मंडल समिति के सदस्यों में प्रमुख रूप से मधु सिंह ,गायत्री शर्मा ,माहेश्वरी द्विवेदी ,पूनम प्रसाद ,बलविंदर कौर ,मोनिका दास , शांता जोददार, मोनिका दास ,महिमा सिंह ,उषा गुप्ता, निशा श्रीवास्तव, ज्योत्सना, बिंदु पटेल , प्रमुख रूप से शामिल थी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय नोडल अधिकारी पर्यावरण एवं वन वन गौतम दत्ता,संचालन सुब्रत पाल ,आभार। एवम धन्यवाद प्रिंस प्रजापति ने किया। इस अवसर पर सभी विभाग प्रमुख एवं आधिकारिक कर्मचारी शामिल थे।