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तथाकथित शराब घोटाला भाजपा और ईडी के द्वारा लिखी गयी पटकथा

तथाकथित शराब घोटाला भाजपा और ईडी के द्वारा लिखी गयी पटकथा

शराब घोटाला भाजपा सरकारो की पुरानी फितरत है

रायपुर/कथाकथित शराब घोटाला भाजपा की साजिश का हिस्सा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी तब भाजपा की केन्द्र सरकार और ईडी के साथ मिलीभगत करके इस शराब घोटाले की पटकथा लिखा था। जैसे ही भाजपा की राज्य में सरकार आयी ईओडब्लू के माध्यम से इस पटकथा को आगे बढ़ाया गया। शराब घोटाले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया गया था। ईओडब्लू कांग्रेस को बदनाम करने के लिये इस प्रकार की कवायद कर रही है। वास्तव में इओेडब्लू में साहस है वर्तमान सरकार ने जो शराब नीति में परिवर्तन किया है। जिससे सरकार सीधे शराब निर्माताओं कंपनियो से शराब खरीदेगी। इस मामले की जांच करे, कि कमीशन का पैसा कहां जायेगा? रमन शासनकाल के दौरान 4600 करोड़ रू का शराब घोटाला हुआ था उसकी जांच करने का साहस दिखाये।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शराब घोटाला तो भाजपा की सरकार कर रही है। जैसा आबकारी नियमों में बदलाव दिल्ली में आप सरकार ने किया था जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री जेल में है वैसा ही नियमों में परिवर्तन छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किया है। यह सीधे-सीधे शराब कंपनियों से मिलने वाले डिस्काउंट की मोटी रकम में घोटाले का खेल है। एफएल-10 का लाइसेंस निरस्त कर सरकार द्वारा सीधे उत्पादक कंपनियों से शराब इसलिये खरीदने का फैसला लिया गया है ताकि कंपनियों से मोटा कमीशन वसूला जाय। दो माह पहले ही सरकार ने 12 कंपनियों को एफएल-10 का लाइसेंस दिया तथा उनके साथ एक वर्ष तक सप्लाई का एग्रीमेंट किया गया उनसे बांड भी भरवाया गया इसके बाद 10 कंपनियों को एफएल-बी का लाइसेंस दिया गया उनसे भी एग्रीमेंट किया गया फिर अचानक सरकार ने इन कंपनियों से किये एग्रीमेंट को रद्द क्यों किया गया? इसका जवाब सरकार को देना चाहिये।

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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शराब घोटाला करना भाजपा की पुरानी फितरत है। पूर्ववर्ती रमन सरकार के समय भी बड़े पैमाने पर शराब घोटाला हुआ था। प्रदेश के आबकारी विभाग में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शासन के उच्चस्तरीय संरक्षण में प्रदेश में मौजूद शराब उत्पादकों को फायदा पहुंचाने एवं करोड़ों के कमीशनखोरी किये जाने के उद्देश्य से बिना मापदण्डों का पालन किये उनके उत्पाद को IMFL (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) की केटेगरी में शामिल करते हुऐ शराब बिक्री में ठेकेदारों को अधिक मुनाफा दिया जाकर इन अवैधानिक तरीके से IMFL श्रेणी की केटेगरी में रखी गयी शराब को प्रदेश में ऊंची दरों पर बेचने का कार्य करते हुए कई सौ करोड़ रूपयों की कमीशनखोरी कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा की रमन सरकार द्वारा मदिरा के सेल प्राईज फिक्सेशन में देशी शराब के निविदाकर्ता/लाइसेंसी को वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में 60 प्रतिशत तथा वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक 50 प्रतिशत का मुनाफा प्रदान किया गया जो कि अन्य राज्यों से ढाई गुना अधिक था। सीएजी ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। रमन सरकार द्वारा देशी/विदेशी मदिरा के निविदाकर्ताओं को अत्यधिक मुनाफा दिए जाने के कारण वर्ष 2012-13 से 2016-17 के मध्य विदेशी शराब के रिटेलर्स को 946.79 करोड़ तथा इसी अवधि में देशी शराब के रिटेलर्स को 567.13 करोड़ का अवैध लाभ पहुंचाया गया। तत्कालीन आबकारी विभाग ने विभिन्न निविदाकर्ताओं/लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के साथ आपराधिक षड़यंत्र करते हुए विक्रय कर निर्धारण में कुछ शराब निर्माताओं को फायदा पहुंचाने छत्तीसगढ़ राज्य के मदिरा की फुटकर बिक्री अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियमों में दर्शित लाइसेंसी शर्तों में गलत परिवर्तन कर अवैध रूप से देशी/विदेशी मदिरा के फुटकर बिक्री मूल्य निर्धारण करने के दौरान वर्ष 2012-13 से 2016-17 के मध्य देशी/विदेशी मदिरा के फुटकर निविदाकर्ताओं को अधिक मुनाफा प्रतिशत प्रदान कर अनुचित लाभ प्रदान किया गया जिससे राज्य शासन का लगभग 4400 करोड़ रूपयों की आर्थिक क्षति कारित किया गया था। अब पुनः सरकार में आने के बाद विष्णुदेव सरकार कमीशनखोरी के लालच में बार-बार नियमों में परिवर्तन कर रही है।

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