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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केन्द्रीय वित्त आयोग से मांगा छत्तीसगढ़ के लिए विशेष अनुदान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केन्द्रीय वित्त आयोग से मांगा छत्तीसगढ़ के लिए विशेष अनुदान

रायपुर//मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए 16वें वित्त आयोग के साथ बैठक में राज्य की विशेष परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को विशेष अनुदान देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ नवोदित राज्य है, जो जनजातीय बहुल, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरा एवं माओवाद प्रभावित है। छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की बराबरी में लाने के लिए अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी।

बैठक में 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया, उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वित्त आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, श्रीमती एन्नी जार्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्यकांति घोष, सचिव रित्विक पांडे सहित दल के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, साथ ही माओवाद पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इन क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अधोसंरचना विकास के कार्यों में अतिरिक्त व्यय भार आता है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग से राज्य को अधिक वित्तीय सहायता की अनुशंसा की जाती है, तो निश्चित ही पिछड़े इलाकों में लोकहित के कार्यों को बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि देश तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और इसके लिए छत्तीसगढ़ भी पूरी मेहनत से काम कर रहा है। विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हम करेंगे। हमारी अपेक्षा है केंद्रीय वित्त आयोग छत्तीसगढ़ के हमारे विजन को अमल में लाने के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थ्तिियों के कारण रेल, सड़क, दूरसंचार, ऊर्जा, सिंचाई की परियोजनाओं की लागत एवं समय-सीमा में वृद्धि के कारण हमें अतिरिक्त व्यय भार वहन करना पड़ रहा है। खनन गतिविधियों के कारण पर्यावरण को होने वाली क्षति और लोगों पर स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से निपटने के लिए हमें अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी खपत एवं गन्तव्य आधारित कर प्रणाली के कारण खनन गतिविधियों का वास्तविक लाभ छत्तीसगढ़ को न मिलकर उन राज्यों को मिल रहा है जहां खनिजों का वैल्यू-एडिशन हो रहा है और खनिजों की खपत हो रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के समय मात्र 29 हजार 539 करोड़ रुपए की छोटी सी अर्थव्यवस्था के साथ इस राज्य ने शुरूआत की थी। वर्ष 2023-24 में राज्य 5 लाख 9 हजार करोड़ रुपए के जीएसडीपी के लक्ष्य को प्राप्त कर चुका है। आने वाले पांच वर्षों में हम जीएसडीपी के आकार को दोगुना करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाएं जिनका संचालन केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के अंशदान से हो रहा है, उनमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली राशि का अनुपात बढ़ाया जाए।

केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द पनगढ़िया ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति की रफ्तार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से प्रगति हो रही हैै। नवा रायपुर को बहुत सुन्दर और व्यवस्थित तरीके से बसाया गया है। छत्तीसगढ़ बहुत ही सुन्दर राज्य है। विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ मंे राजकोषीय स्थिरता के साथ आर्थिक वृद्धि एवं सामाजिक सूचकांकों में तेजी से सुधार हुआ है। छत्तीसगढ़ एक नवोदित एवं तेजी से बढ़ता राज्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संबंध में कहा कि यहां का सबसे बड़ा संसाधन मानव शक्ति है। जिनको मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए स्किल्ड बनाना होगा।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के वित्तीय परिदृश्य पर प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि नवा रायपुर को ग्रीन स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां अधोसंरचना विकास के लिए केन्द्र से और अधिक संसाधन मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निर्धारित मापदंडों के अनुसार वित्तीय अनुशासन का पालन कर रहे हैं और आगे भी इसे जारी रखेंगे। कर प्रणाली में आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर लीकेज को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा केन्द्र और राज्यों के बीच करों के बटवारें के मापदंडों के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्रियों और मंत्रिगणों ने भी वित्त आयोग के समक्ष अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किये।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने स्वागत भाषण दिया। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने पुलिस बल के लिए संसाधनों की आवश्यकताओं पर तथा एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार ने नवा रायपुर की परियोजनाओं के लिए संसाधनों की जरूरतों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

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