पीएम स्कूलों में खरीदे वाद्य यंत्रों में भारी भ्रष्टाचार

पीएम श्री स्कूलों में खरीदे वाद्य यंत्रों में भारी भ्रष्टाचार

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

रायपुर/ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पीएम श्री स्कूल अब घोटाला श्री स्कूल बन गया है। पीएमश्री स्कूल में वाद्य यंत्र की खरीदी के लिये 75 हजार प्रत्येक स्कूल को दिया गया था। यहां वाद्य यंत्रों के खरीदी में भारी भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल खेला गया है। वाद्य यंत्र की खरीदी वास्तविक मूल्य से तीन से चार गुना ज्यादा दरों पर की गयी है। भ्रष्टाचार करने के लिए जीएसटी मुक्त वस्तुओं पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जा रहा है। जब वाद्य यंत्रो की खरीदी में यह हाल है तो स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स एवं गेम्स के समान खरीदी में कितना भ्रष्टाचार हुआ होगा, इसका आकलन कर पाना संभव नहीं है। सरकार पीएमश्री में हुई आवश्यक वस्तुओं की खरीदी की जांच कराये। भाजपा सरकार बनने के बाद पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम सीमा पर है, हर विभाग में आवश्यक वस्तुओं की खरीदी में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की नीति ही कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करना है। 15 साल के भाजपा शासन काल में स्कूलों के बिल्डिंग के निर्माण से लेकर टेबल, कुर्सी, स्टेशनरी, साइकिल, ड्रेस एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदी में कमीशन खोरी का खेल होता था एक बार और वही दिन फिर आ गए हैं।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए 400 करोड़ से अधिक की राशि दिया गया है। सरकार ने स्वामी आत्मानंद योजना के तहत बने आधुनिक सुव्यवस्थित और सुसज्जित स्कूलों का नाम बदलकर पीएम श्री किया और पीएम श्री योजना के तहत मिलने वाले राशि पर घोटालो की भेट चढ़ रही है। जिसका भंडाफोड़ हो गया है। राज्य सरकार को पीएम श्री स्कूल योजना के तहत खर्च की गई राशि का विवरण सभी स्कूलों के बोर्ड में उल्लेखित करना चाहिए और स्कूलों में की गई खरीदी की जांच करनी चाहिए।