Advertisement

भाजपा बताये 52 सालों तक संघ मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया था? – दीपक बैज

भाजपा बताये 52 सालों तक संघ मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया था? – दीपक बैज

किरण देव कांग्रेस को देश भक्ति की नसीहत मत दें अपने गिरेबान में झांके

रायपुर//भाजपा अध्यक्ष किरण देव द्वारा भाजपा की तिरंगा अभियान को राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि तिरंगा पूरे देश के लिये गर्व का प्रतीक है। लेकिन भाजपा को तिरंगा अभियान केवल राजनैतिक नौटंकी है। किरण देव बताये आजादी के बाद 52 सालों तक संघ के मुख्यालय नागपुर में तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया था? आजादी के बाद दशको तक भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस ने क्यों राष्ट्रध्वज को स्वीकार नहीं किया था? भाजपा अध्यक्ष अपने राजनैतिक कार्यक्रम के आधार पर कांग्रेस को नसीहत देने के बजाय आत्म अवलोकन करें कि उनके पूर्वजों ने क्यों तिरंगे को अपमानित किया था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने ही 1929 में लाहौर अधिवेशन के समय रावी नदी के किनारे तिरंगा फहराया और पूर्ण स्वराज का नारा दिया था, उसके बाद से हर साल 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाने लगा। आजादी की 77वीं वर्षगांठ पर देश भक्ति का जलसा निकालने की नौटंकी करने वालों के पूर्वज स्वतंत्रता संग्राम के समय अंग्रेजों के पैरोकार की भूमिका में खड़े थे।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (4)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (3)
sjjj
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश की आन-बान-शान का प्रतीक रहे तिरंगा को भाजपा ने पितृ पुरुष गोलवलकर ने देश के लिये अपशगुन बताया था। तिरंगे के प्रति सम्मान का आडंबर कर रही भाजपा के आदर्श गोलवलकर ने अपनी पुस्तक बंच ऑफ थॉट्स में तिरंगा को राष्ट्रीय ध्वज मानने से ही मना कर दिया था। इस पुस्तक में उन्होंने लोकतंत्र और समाजवाद को गलत बताते हुए संविधान को एक जहरीला बीज बताया था। 14 अगस्त 1947 को आरएसएस के मुखपत्र द आर्गेनाइजर में लिखा था “तीन शब्द ही अशुभ है, तीन रंगो वाला झण्डा निश्चित तौर पर बुरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करेगा और देश के लिये हानिकारक साबित होगा।” 30 जनवरी 1948 को जब महात्मा गाँधी की हत्या कर दी गयी तो अखबारों के माध्यम से खबरें आई थीं कि आरएसएस के लोग तिरंगे झंडे को पैरों से रौंदकर खुशी मना रहे थे। आज़ादी के संग्राम में शामिल लोगों को आरएसएस की इस हरकत से बहुत तकलीफ हुई थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस के मूलस्वरूप हिन्दू महासभा का गठन 1925 में हुआ, देश आजाद 1947 में हुआ इन 22 सालों तक भारत के आजादी की लड़ाई में हिन्दू महासभा का क्या योगदान था? भाजपाई बता नहीं सकते। 1947 में जब देश आजाद हुआ तब दीनदयाल उपाध्याय 32 वर्ष के परिपक्व नौजवान थे, देश की आजादी की लड़ाई में उनका क्या योगदान था? कितनी बार जेल गये? 1942 में कांग्रेस महात्मा गांधी की अगुवाई में भारत छोड़ो आंदोलन चला रही थी, तब भाजपा के पितृ पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंग्रेजी हूकूमत को सलाह दे रहे थे कि भारत छोड़ो आंदोलन को क्रूरतापूर्वक दमन किया जाना चाहिये। अंग्रेजो के इशारे पर मुस्लिम लीग के साथ मिलकर बंगाल में अंतरिम सरकार बनाये। ऐसी विचार धारा वाली भाजपा की तिरंगा यात्रा निकालना केवल राजनैतिक ढोंग है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05