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पीएम आवास योजना से मिला सपनों का आशियाना

पीएम आवास योजना से मिला सपनों का आशियाना

बंदरों के उछल-कूूद से खपरैल नुकसान झेलने की समस्या से मिली निजात

पक्के मकान की मिल रही सुविधा

गरियाबंद// पक्के मकान में रहना हर किसी का सपना होता है, लेकिन पक्के मकान बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन और पूंजी हर किसी की पहुंच में नहीं होती। इस कारण कई गरीब और कमजोर वर्ग के लोग पक्के मकान से वंचित रह जाते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब लोगों के पक्के मकान की चिंता दूर कर दी है। उनके सपनों का आशियाना मिलने लगा है।

8 अक्टूबर को गरियाबंद में आयोजित आवास मेला में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के हाथों अपने नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी पाकर ग्राम पोंड़ निवासी श्रीमती प्रेमीन कमार, श्रीमती सरस्वती, ग्राम भंडारी लो. निवासी बेदन, नरेश, ग्राम कस निवासी सालिक राम, श्रीमती दुखिया बाई, मिलन राम, कीर्तन राम, एवं गोपालपुर निवासी नोहर तथा अनकु राम के सपने सच हो गए।

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उक्त हितग्राही गरीबी स्थिति के कारण पक्के आवास बनाने के सपने को पूरा नहीं कर पाए थे। कच्चे मकान और असुविधाओं में गुजर-बसर करने को मजबूर थे। पीएम आवास योजना से परिवार को पक्के मकान का लाभ मिल गया है। अब सभी मौसम में रहने की कोई समस्या नहीं होगी।

पक्के मकान मिलने की खुशी में हितग्राहियों ने उत्साह के साथ सरकार का आभार जताया। हितग्राहियों ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने के कारण बारिश, सर्दी और गर्मी में पहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात में छत टपकने तथा मौसमी कीड़े -मकोड़े एवं सांप, बिच्छुओं का भी डर रहता था। खपरैल के छत से बने कच्चे मकान बंदरों के उछल-कूद से क्षतिग्रस्त हो जाता था। बार-बार खपरैल बदलने से आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार द्वारा पक्का मकान दिये जाने से अब इन सब समस्याओं से निजात मिल गया है। घर में सभी सदस्य चैन की नींद में रात गुजार सकते है। मकान पक्का होने के कारण बार-बार मरम्मत करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

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