पीएम जनमन योजना के तहत कमार जनजाति के लोग हुए शासन की योजनाओं से लाभान्वित

पीएम जनमन योजना के तहत कमार जनजाति के लोग हुए शासन की योजनाओं से लाभान्वित

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

बल्दाकछार एवं अवरई ग्राम में 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल

रायपुर//मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 193 है।अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया।

गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।