राजधानी के पुरानी बस्ती में देर रात बहती रही कविता की सुर सरिता

राजधानी के पुरानी बस्ती में देर रात बहती रही कविता की सुर सरिता

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रायपुर // बसंत पंचमी के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती में आयोजित 65वें सरस्वती जयंती में देर रात तक कविता की सुर सरिता बहती रही। इस आयोजन में ओज, वीर, श्रृंगार सहित अन्य रसों के कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवि सम्मेलन में प्रदेश के ख्याति प्राप्त कवियों ने मां वाग्देवी की आराधना करते हुए बसंत का स्वागत किया। कार्यक्रम में हर पंक्ति पर वाहवाही गूंजती रही, जिससे आयोजन यादगार बन गया। बसंत की महक के साथ अब पूरे शहर में बसंत पंचमी के आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है। यह कवि सम्मेलन भी उसी श्रृंखला की एक कड़ी थी, जिसमें काव्य प्रेमियों ने हृदय खोलकर कविता की इस सुरसरिता का आनंद लिया।

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कवि सम्मेलन में कवि रामेश्वर शर्मा, कवि मन्नू लाल यदु, कवि यशवंत यश, कवयित्री श्रीमती सुषमा प्रेम पटेल, कवि मिनेश साहू, कवि रिक्की बिंदास, कवि राजू छत्तीसगढ़िया ने काव्य पाठ कर श्रोताओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा तथा इंद्रदेव यदु, ऋषि पटवारी, उत्तम देवहरे और बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थेl