फाइलेरिया मुक्ति अभियान का भव्य शुभारंभ: जनजागरूकता रथ रवाना, घर-घर दवा वितरण शुरू

फाइलेरिया मुक्ति अभियान का भव्य शुभारंभ: जनजागरूकता रथ रवाना, घर-घर दवा वितरण शुरू

अंबिकापुर, 27 फरवरी 2025 – राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया (हाथीपांव) संक्रमण से बचाव हेतु जिले में फाइलेरिया मुक्ति अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत लोगों को फाइलेरिया से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पी. एस. मार्को, सिविल सर्जन डॉ. जे. के. रेलवानी, डॉ. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (डीटीओ), डॉ. राजेश गुप्ता (डीएमओ), डॉ. वाई. किण्डों (डीएलओ) और डब्ल्यूएचओ के जोनल समन्वयक डॉ. स्नेहाश्री ने स्वयं दवा सेवन कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

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यह अभियान 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न चरणों में जिले के हर नागरिक को फाइलेरिया रोधी दवा दी जाएगी।🔹 27 फरवरी से 02 मार्च – स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवा वितरण हेतु विशेष बूथ लगाए गए हैं।🔹 03 मार्च से 10 मार्च – स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा का सेवन कराएंगे।🔹 11 मार्च से 13 मार्च – जो लोग पहले दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें पुनः दवा खिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां बच्चों और नागरिकों को फाइलेरिया की दवा सेवन कराई जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी ने केदारपुर और भगवानपुर के हायर सेकेंडरी स्कूलों में जाकर बच्चों को स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा सेवन कराई और उन्हें इसके लाभों के बारे में जानकारी दी।

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फाइलेरिया को आमतौर पर ‘हाथीपांव’ के रूप में जाना जाता है। यह एक परजीवी रोग है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इस संक्रमण के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में असामान्य सूजन हो जाती है, जिससे व्यक्ति की चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित होती है। यह बीमारी मच्छर जनित परजीवियों के कारण होती है और इसे रोकने के लिए समय पर दवा का सेवन आवश्यक है।

फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत दवा सेवन पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। सभी नागरिकों को यह दवा आवश्यक रूप से लेने की सलाह दी गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. एस. मार्को ने कहा, “फाइलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका दवा का सेवन करना है। हर व्यक्ति को यह दवा जरूर लेनी चाहिए, ताकि जिले को इस गंभीर बीमारी से मुक्त किया जा सके।”

उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे।

अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमें बनाई गई हैं। वे अभियान की निगरानी करेंगे और दवा वितरण की प्रगति की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देंगे। इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ और अन्य स्वास्थ्य संगठनों द्वारा अभियान की प्रभावशीलता पर नजर रखी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान में भाग लें और फाइलेरिया से बचाव हेतु दवा का सेवन अवश्य करें। इसके साथ ही, मच्छर प्रजनन को रोकने के लिए सफाई पर ध्यान देने, जलभराव रोकने और मच्छरदानी का उपयोग करने की भी अपील की गई है।

फाइलेरिया मुक्ति अभियान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य समाज को इस गंभीर बीमारी से बचाना है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को फाइलेरिया से बचाव हेतु दवा मिले और अंबिकापुर को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने पुनः अपील की है कि कोई भी दवा सेवन से वंचित न रहे और स्वस्थ जीवन के लिए इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं।