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बजट 2025: ई-वे बिल सीमा बढ़ी, वैट में राहत – व्यापारियों ने जताया मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद

बजट 2025: ई-वे बिल सीमा बढ़ी, वैट में राहत – व्यापारियों ने जताया मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद

रायपुर, 08 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 में व्यापारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी है और 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारी माफ करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेशभर के व्यापारियों में खुशी की लहर है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने अमर परवानी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और इस फैसले के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल में सुरेंद्र सिंह, शंकर बजाज, अवनीत सिंह, जीतू दोशी, प्रीतपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ व्यापारी नेता शामिल थे।

बजट 2025: व्यापारियों के लिए राहत की सौगात
छत्तीसगढ़ के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया गया। व्यापारियों का कहना था कि 50 हजार की ई-वे बिल सीमा से छोटे व्यापारियों को काफी परेशानी होती थी। छोटे व्यापारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अब यह सीमा 1 लाख रुपए कर दी गई है।

इसके साथ ही, राज्य सरकार ने छोटे व्यापारियों की राहत के लिए 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारी माफ करने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश के 66 हजार छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

अमर परवानी ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि,
“ई-वे बिल की सीमा बढ़ाने से व्यापारियों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। छोटे व्यापारियों के लिए वैट माफी से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। यह बजट व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है और हम इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं।”

व्यापारिक जगत में खुशी की लहर
बजट घोषणाओं के बाद व्यापारिक संगठनों में उत्साह का माहौल है। व्यापारी वर्ग का मानना है कि इस तरह के निर्णय व्यापार को सरल बनाने में मदद करेंगे और व्यवसाय की सुगमता को बढ़ावा देंगे।

रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी अनिल गुप्ता ने कहा,
“ई-वे बिल सीमा बढ़ाने का फैसला बहुत सही समय पर आया है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारी बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपना व्यापार बढ़ा सकेंगे।”

बिलासपुर के होलसेल व्यापारी राजेश अग्रवाल ने कहा,
“छोटे व्यापारियों के लिए वैट देनदारी माफी का फैसला काफी सराहनीय है। कई वर्षों से व्यापारी इस राहत की उम्मीद कर रहे थे। अब इस फैसले से हजारों छोटे व्यापारी राहत की सांस लेंगे।”

छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापारियों के प्रति संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि,
“हमारी सरकार व्यापारियों की समस्याओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रही है। व्यापार-व्यवसाय के लिए प्रदेश में बेहतर वातावरण तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। इन फैसलों से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।”

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राज्य सरकार के अन्य फैसले जो व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं
जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाना – व्यापारियों की मांग थी कि जीएसटी रिफंड प्रक्रिया सरल की जाए, जिस पर सरकार ने सहमति जताई।
बिजली शुल्क में राहत – छोटे और मध्यम उद्योगों को बिजली शुल्क में कुछ छूट देने की घोषणा की गई है।
व्यापारिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास – सरकार व्यापारिक इलाकों में सड़कों, परिवहन और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बजट आवंटित कर रही है।
क्या है ई-वे बिल और इसकी सीमा बढ़ने का असर?
ई-वे बिल (इलेक्ट्रॉनिक वे बिल) वह दस्तावेज होता है, जो 50 हजार रुपए से अधिक मूल्य के सामान के एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन के लिए जरूरी होता है।

अब तक छत्तीसगढ़ में 50 हजार रुपए से ऊपर के सामान के लिए ई-वे बिल जरूरी था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें बार-बार ई-वे बिल बनाने की आवश्यकता नहीं होगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन यह भी कहा कि सरकार को व्यापारियों को और अधिक राहत देने की जरूरत थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने कहा कि,
“यह फैसले अच्छे हैं, लेकिन सरकार को जीएसटी स्लैब में भी राहत देनी चाहिए थी। साथ ही, व्यापारियों को ब्याज रहित कर्ज की सुविधा मिलनी चाहिए थी।”

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ई-वे बिल सीमा बढ़ने और वैट माफी से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) में सुधार होगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

वित्त विशेषज्ञ डॉ. अरुण मिश्रा का कहना है,
“छत्तीसगढ़ सरकार के इन फैसलों से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”

व्यापारियों को सरकार से और क्या उम्मीदें?
हालांकि व्यापारिक संगठनों ने बजट की घोषणाओं का स्वागत किया है, लेकिन कुछ और मांगें भी सरकार के समक्ष रखी हैं, जैसे:

जीएसटी प्रक्रिया को और सरल बनाना।
व्यापारिक क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
छोटे व्यापारियों को सस्ती दरों पर ऋण सुविधा देना।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 ने व्यापारियों को राहत दी है। ई-वे बिल की सीमा 1 लाख रुपए करने और 25 हजार तक की वैट देनदारी माफ करने का निर्णय व्यापार जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इस फैसले से प्रदेश में व्यापार का विस्तार होगा और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। व्यापारी वर्ग ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है और इसे व्यापारिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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