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LPG Price Hike: कमर्शियल सिलेंडर 5 माह में 1510 रु. महंगा, कांग्रेस ने बोला मोदी सरकार पर हमला






LPG Price Hike: कमर्शियल सिलेंडर 5 माह में 1510 रु. महंगा, कांग्रेस ने बोला मोदी सरकार पर हमला | Pradesh Khabar


कमर्शियल सिलेंडर 5 माह में 1510 रु. एवं 5 किलो वाला सिलेंडर 261 रु. महंगा, गरीब आदमी पर महंगाई की चौतरफा मार

रायपुर: कमर्शियल एवं 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम में बेतहाशा वृद्धि को मोदी सरकार की ‘महंगाई की मार’ करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राज्यों के चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार का असली जनविरोधी चेहरा सामने आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही सचेत किया था कि चुनाव खत्म होते ही एलपीजी एवं पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, और आज वह सच साबित हो गया है।

महंगाई का ‘मई धमाका’: एक नज़र में

  • कमर्शियल सिलेंडर: एकमुश्त 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी।
  • 5 किलो सिलेंडर: 261 रुपये की वृद्धि (प्रवासी श्रमिकों और गरीबों पर सीधा बोझ)।
  • 5 महीने की कुल वृद्धि: कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कुल 1510 रुपये का इजाफा।

लगातार 5 महीनों से जारी है लूट का सिलसिला

धनंजय सिंह ठाकुर ने आंकड़ों के जरिए बताया कि बीते पांच माह में किस तरह से कीमतों में आग लगी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महंगाई से जूझ रही जनता और मंदी की मार झेल रहे उद्योगों पर कुठाराघात किया है।

महीना (2026) वृद्धि राशि (रु.)
जनवरी 111 रु.
फरवरी 50 रु.
मार्च 146 रु. (दो बार में)
अप्रैल 218 रु.
मई 993 रु.
कुल वृद्धि 1510 रु.
“एलपीजी में मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण पेट्रोलियम कंपनियों को फायदा पहुँचाना और चंद पूंजीपतियों की तिजोरी को भरना है। डीजल और गैस की कमी से उद्योगों में उत्पादन पहले ही 50% गिर चुका है। कई रेस्टोरेंट और होटल बंद हो चुके हैं, जिससे श्रमिक बेरोजगार हो रहे हैं। यह बढ़ोतरी रोजगार संकट पर काली छाया है।” – धनंजय सिंह ठाकुर, वरिष्ठ प्रवक्ता

आम जनता और उद्योगों पर संकट

वरिष्ठ प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि इस वृद्धि का सीधा असर आम जनता, उद्योगों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कमर्शियल गैस का उपयोग करने वाले संस्थानों पर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि अब घरेलू गैस एवं पेट्रोल-डीजल के दाम में भी वृद्धि की पूरी संभावना है। डीजल की कमी के चलते ट्रांसपोर्ट वाहन और डीजल से चलने वाले व्यावसायिक संस्थान पहले ही संकट में हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि केंद्र सरकार को जनहित में एलपीजी के दामों में की गई इस वृद्धि को तत्काल वापस लेना चाहिए और आम जनता को रियायत देकर महंगाई की मार से बचाना चाहिए।