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मध्य प्रदेश के विकास को रफ्तार: कैबिनेट बैठक में 24,200 करोड़ के बजट को हरी झंडी





मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद का बड़ा फैसला: 24,200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी

मध्य प्रदेश का विकास बजट: मंत्रिपरिषद ने दी 24,200 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कुल 24,200 करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इंदौर मेट्रो रेल परियोजना: भविष्य की राह

राज्य सरकार ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए कुल 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट मंजूर किया है। परियोजना की मूल लागत 7,500.80 करोड़ रुपये थी, जिसमें 5,388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर अब इसे 12,889.38 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 6,582.91 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिसमें पीपीपी घटक और आंतरिक ऋण का समावेश है।

वन्य-प्राणी संरक्षण और ग्राम पुनर्वास

16वें वित्त आयोग (2026-2031) के तहत ‘प्रोजेक्ट टाइगर एंड एलीफेंट’ तथा संवेदनशील क्षेत्रों से ग्रामों के पुनर्वास के लिए 2,381 करोड़ 15 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

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  • वन्य-प्राणी सुरक्षा: टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर अभयारण्य में आवास सुधार, जल स्रोतों का विकास और सुरक्षा कार्यों के लिए 1,131.15 करोड़ रुपये।
  • ग्राम पुनर्वास: संवेदनशील क्षेत्रों के 94 गांवों के विस्थापन और मुआवजे के लिए 1,250 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण और पायलट प्रोजेक्ट

राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026’ लागू करने के लिए 5 सदस्यीय मंत्रि-मण्डल उप-समिति गठित की गई है। साथ ही, रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल पर संचालित करने का पायलट प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है ताकि चिकित्सकों की कमी के बावजूद आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

जनजातीय कल्याण और रोजगार

शिक्षा के क्षेत्र में जनजातीय विद्यार्थियों की आवासीय व शैक्षणिक सुविधाओं के लिए 687 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि 22 जिलों में कार्यरत 32 अनुदान प्राप्त संस्थाओं को सुदृढ़ करेगी। इसके अलावा, रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 639 करोड़ 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे बुनकरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी।

श्रम कल्याण और वित्तीय प्रबंधन

राज्य सरकार ने श्रमिकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये की विभिन्न योजनाओं को 5 वर्षों के लिए स्वीकृति दी है। इसके साथ ही, स्थानीय निकायों की वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘स्थानीय निधि संपरीक्षा’ के संचालन हेतु 492 करोड़ 45 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

यह निर्णय आगामी पांच वर्षों में मध्य प्रदेश को समावेशी और सतत विकास की ओर ले जाने का एक बड़ा खाका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित ये निर्णय प्रदेश की जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगे।


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