बारिश में बह रहे भ्रष्टाचार के सबूत: रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला प्रोजेक्ट सहित कई पुल-सड़कें क्षतिग्रस्त, दीपक बैज का बड़ा हमला
रायपुर, 19 अगस्त 2026: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए भारतीय जनता पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली और विकास के दावों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पहली ही बारिश में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश में नवनिर्मित पुल, पुलिया और सड़कें धंस रही हैं, बह रही हैं और उनमें दरारें आ रही हैं, जिससे कांग्रेस द्वारा लगातार लगाए जा रहे घटिया निर्माण के आरोप शत-प्रतिशत प्रमाणित हो रहे हैं।
बैज ने कहा कि 4146 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर का छत्तीसगढ़ वाला हिस्सा उद्घाटन से पहले ही जगह-जगह दरक चुका है। इस मार्ग पर 20 से अधिक स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं और ढलान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा गुणवत्ताहीन अंडरब्रिज दलदल में तब्दील हो चुके हैं।
- राजनांदगांव: बरगा और आलीवारा में 26 करोड़ की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के 15-20 दिनों के भीतर दरक गए।
- सूरजपुर: धोंधा गांव में भारी बारिश के बाद पुल क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे आवाजाही ठप पड़ गई।
- गरियाबंद: उदांती क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का महत्वपूर्ण हिस्सा बह गया।
- कोरबा: भैसामुड़ा में 3 करोड़ की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में धराशाई हो गई।
- मुंगेली व रायगढ़: मुंगेली में नया पुल बहा; रायगढ़ के नवापारा में जर्जर सड़कों के विरोध में स्कूली बच्चों को पानी भरे गड्ढों में नहाकर प्रदर्शन करना पड़ा।
खराब सड़कों के कारण बस्तर और सरगुजा बेहाल
दीपक बैज ने कहा कि रतनपुर-पेंड्रारोड हाईवे पर आए दिन गाड़ियां फंस रही हैं। बस्तर और सरगुजा संभाग की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। राज्य सरकार सड़कों की सामान्य मरम्मत तक कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पूरे प्रदेश की जनता इस बदहाल बुनियादी ढांचे का खामियाजा भुगत रही है।
मिनरल संशोधन अधिनियम छत्तीसगढ़ के हितों पर कुठाराघात
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद में पारित मिनरल संशोधन अधिनियम को लेकर भी केंद्र व राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन के अनुसार अब राज्य सरकारें अपने राज्य से निकलने वाले खनिजों (जैसे कोयला, बॉक्साइट, लौह अयस्क आदि) पर उपकर (Cess) नहीं लगा सकेंगी। कांग्रेस इस जनविरोधी और राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले कानून का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए यह निर्णय लिया है।
















