पेंशनरों को जनवरी 2026 से 2% अतिरिक्त महंगाई राहत और एरियर की मांग, संभागीय आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
अंबिकापुर (सरगुजा), 19 अगस्त 2026: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य के पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय 2% अतिरिक्त महंगाई राहत (DR) का एरियर सहित तुरंत आदेश जारी करने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के सरगुजा संभागीय अध्यक्ष गुरुचरण सिंह के नेतृत्व में संभागीय आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
महासंघ के संभागीय अध्यक्ष गुरुचरण सिंह ने बताया कि प्रदेश के लाखों वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनभोगी पूरी तरह से अपनी पेंशन पर ही निर्भर हैं। जनवरी 2026 से देय महंगाई राहत में हो रहे विलंब के कारण पेंशनरों को भारी आर्थिक तंगी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र के समान महंगाई राहत पाना पेंशनरों का न्यायसंगत अधिकार है।
- 2% अतिरिक्त डीआर का तत्काल आदेश: राज्य के पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय 2% अतिरिक्त महंगाई राहत (DR) जारी की जाए।
- संपूर्ण एरियर का भुगतान: जनवरी 2026 से लंबित 2% महंगाई राहत का भुगतान एकमुश्त एरियर सहित किया जाए।
- समयबद्ध वृद्धि प्रणाली: भविष्य में जब भी केंद्र सरकार द्वारा महंगाई राहत बढ़ाई जाए, उसी समय राज्य के पेंशनरों को भी स्वतः और समयबद्ध लाभ देने की व्यवस्था लागू हो।
दोनों राज्यों के मध्य सहमति की बाध्यता समाप्त होने की ओर
गुरुचरण सिंह ने बताया कि महासंघ के निरंतर प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मध्य पेंशनरों के महंगाई राहत भुगतान को लेकर बनी सहमति की बाध्यता को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में अब राज्य सरकार द्वारा बिना किसी और विलंब के 2% महंगाई राहत का आदेश जारी किया जाना पूरी तरह न्यायसंगत है।
चरणबद्ध आंदोलन: 5 अगस्त के बाद संभागीय प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर महासंघ द्वारा प्रदेशभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 5 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया था। वहीं आज 19 अगस्त 2026 को रायपुर एवं सरगुजा संभाग सहित विभिन्न संभागीय मुख्यालयों में पेंशनरों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नारेबाजी के पश्चात संभागीय आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
महासंघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस न्यायसंगत मांग पर शीघ्र ही सकारात्मक फैसला लेगी।














