इंदौर: डायल-112 हीरोज की तत्परता, खेलते-खेलते बिछड़े 3 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिवार से मिलाया
इंदौर। मध्य प्रदेश की आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ एक बार फिर देवदूत बनकर सामने आई है। इंदौर जिले के थाना खजराना क्षेत्र में डायल-112 के जवानों ने अपनी संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का परिचय देते हुए घर से बिछड़ गए एक 3 वर्षीय बालक को न केवल सुरक्षित ढूँढ निकाला, बल्कि उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द भी किया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संकट की हर घड़ी में डायल-112 सेवा आमजन के लिए सुरक्षा का एक मजबूत कवच बनी हुई है।
घटना का विवरण: पटेल कॉलोनी में मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 14 जून 2026 की है। खजराना थाना क्षेत्र की पटेल कॉलोनी में एक 3 वर्षीय बालक घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया था। जब परिजनों ने बालक को अपने आसपास नहीं पाया, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बालक के न मिलने पर चिंतित परिजनों ने तत्काल राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना दी और मदद की गुहार लगाई।
डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा थाना खजराना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल सक्रिय किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस स्टाफ ने बिना समय गंवाए कार्यभार संभाला।
- आरक्षक सुनील मालवीय
- आरक्षक करण चौधरी
- पायलट अंकित शुक्ला
इन जवानों ने मौके पर पहुँचकर सबसे पहले परिजनों से बालक के हुलिए और उसके पहनावे के बारे में आवश्यक जानकारी ली और उसका फोटो प्राप्त किया।
सक्रिय तलाश और सफल रेस्क्यू
सूचना मिलने के कुछ ही समय के भीतर, डायल-112 की टीम ने पटेल कॉलोनी और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी अभियान चलाया। जवानों ने बड़ी संवेदनशीलता के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जवानों की तत्परता का ही परिणाम था कि बालक को कुछ ही देर में सुरक्षित तलाश लिया गया। बालक को सही-सलामत पाकर पुलिस टीम ने उसे अपने संरक्षण में लिया।
बालक की पहचान सुनिश्चित करने के बाद, जवानों ने उसे उसके घर पहुँचाया। मासूम को वापस अपने बीच देखकर परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू आ गए और उन्होंने पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।
मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बनी डायल-112
डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत सामने आई यह घटना स्पष्ट करती है कि यह सेवा केवल दुर्घटनाओं या अपराध नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है। यह सेवा आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं और उनके व्यक्तिगत संकटों में भी मानवीय दृष्टिकोण के साथ निरंतर काम कर रही है।
“डायल-112 की यह पहल दर्शाती है कि सेवा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ही इस बल का मुख्य आधार है। चाहे वह आगजनी की घटना हो, सड़क दुर्घटना हो या फिर बच्चों के बिछड़ने का मामला, डायल-112 के जवान हर परिस्थिति में साहस और संवेदनशीलता के साथ लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर हैं।”
इंदौर पुलिस की यह कार्यवाही निश्चित रूप से अन्य लोगों के लिए प्रेरणा है। समय पर की गई पुलिस सहायता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई, बल्कि एक परिवार को बिखरने से भी रोक लिया। खजराना थाना क्षेत्र की जनता ने डायल-112 के जवानों के इस साहसी और मानवीय कार्य की सराहना की है।











