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बेमेतरा: उर्वरक कालाबाजारी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, मानिकपुर का लाइसेंस निलंबित





बेमेतरा: कृषि विभाग की उर्वरक विक्रेताओं पर सख्त कार्यवाही

बेमेतरा में उर्वरक कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ कृषि विभाग सख्त, एक और कृषि केंद्र का लाइसेंस निलंबित

बेमेतरा, छत्तीसगढ़: बेमेतरा जिला प्रशासन और कृषि विभाग खरीफ फसल सीजन के दौरान किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिले में उर्वरकों की अवैध बिक्री, कालाबाजारी, डायवर्सन और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए विभाग द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, नवागढ़ विकासखंड के एक प्रमुख कृषि केंद्र पर बड़ी कार्यवाही करते हुए उसके व्यावसायिक लाइसेंस को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

कार्यवाही का विवरण: मेसर्स कृषि विकास केंद्र, मानिकपुर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक (नवागढ़) द्वारा 08 जून 2026 को ग्राम मानिकपुर स्थित ‘मेसर्स कृषि विकास केंद्र’ का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने पाया कि उक्त प्रतिष्ठान द्वारा उर्वरक वितरण और रिकॉर्ड संधारण में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही थीं।

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  • कारण बताओ नोटिस: निरीक्षण में मिली खामियों के आधार पर संस्थान को तत्काल प्रभाव से ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था।
  • निलंबन का आधार: प्रतिष्ठान संचालक द्वारा नोटिस का कोई संतोषप्रद या तर्कसंगत जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद कृषि विभाग ने उर्वरक नियंत्रण आदेशों के तहत कठोर कदम उठाते हुए लाइसेंस निलंबन का निर्णय लिया।
  • प्रतिबंध: निलंबन की 15 दिवसीय अवधि के दौरान, उक्त केंद्र उर्वरकों के भंडारण, खरीद और विक्रय संबंधी कोई भी व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं कर सकेगा।

कृषि विभाग का स्पष्ट संदेश

जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसानों को सही दर पर और गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले भर में उर्वरक निरीक्षक और उड़नदस्ता टीमें लगातार सक्रिय हैं। विभाग द्वारा निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है:

  1. कालाबाजारी एवं जमाखोरी: उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने वाले विक्रेताओं पर सख्त नजर।
  2. अधिक मूल्य पर विक्रय: निर्धारित एमआरपी (MRP) से अधिक दाम वसूलने वाले केंद्रों पर कार्यवाही।
  3. अमानक एवं नकली खाद: किसानों को खराब गुणवत्ता वाली खाद बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
  4. डायवर्सन: कृषि कार्यों के लिए आवंटित उर्वरकों को अन्यत्र व्यावसायिक उपयोग में ले जाने पर रोक।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत मांगता है या किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो किसान सीधे अपने निकटतम विकासखंड कृषि कार्यालय या जिला कृषि उप-संचालक कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


यह कार्यवाही राज्य शासन द्वारा खरीफ सीजन के लिए जारी निर्देशों के अनुरूप है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। भविष्य में भी नियम उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।


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