व्हीएसके ऐप की तकनीकी त्रुटियों से किसी भी शिक्षक का नहीं कटेगा वेतन: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
उत्तर बस्तर कांकेर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने हेतु उपयोग किए जाने वाले व्हीएसके ऐप को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा बयान जारी किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ऐप के संचालन में सामने आ रही तकनीकी बाधाओं और सर्वर त्रुटियों की वजह से किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। मैदानी स्तर पर काम कर रहे शिक्षकों को इस संबंध में किसी भी प्रकार की मानसिक चिंता या असमंजस में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा सीधे तौर पर शिक्षण कार्य से जुड़े अमले को न भुगतना पड़े।
हाल ही में विभिन्न शिक्षक संघों और व्यक्तिगत रूप से शिक्षकों द्वारा यह शिकायतें दर्ज कराई गई थीं कि ऐप में लॉगिन करने, लोकेशन ट्रेस होने तथा डेटा सिंक होने जैसी प्रक्रियाओं में बार-बार एरर आ रहा है। इन व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ मिलकर इन कमियों का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालें।
15 अगस्त तक ऐप को पूरी तरह त्रुटिमुक्त और सुचारु बनाने का लक्ष्य
समीक्षा बैठक के दौरान तकनीकी टीम को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त तक व्हीएसके ऐप में आ रही तमाम तकनीकी खामियों का शत-प्रतिशत समाधान कर लिया जाए। लक्ष्य यह है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से सुचारु, तीव्र और उपयोगकर्ता के अनुकूल (User-Friendly) बनाया जा सके।
इस समयावधि के दौरान तकनीकी उन्नयन (Technical Upgradation) का कार्य किया जाएगा, जिससे सर्वर लोड को संतुलित किया जा सके और प्रदेशभर के शिक्षक एक साथ सुगमतापूर्वक अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा सकें। विभाग का मानना है कि तकनीक का उद्देश्य कार्यप्रणाली को सरल बनाना है, न कि कर्मचारियों के लिए अनावश्यक जटिलताएं पैदा करना। इसी नीति के तहत ऐप के इंटरफेस और बैकएंड सर्वर को मजबूत किया जा रहा है।
शिक्षकों का डिजिटल सहभागिता और उत्साह सराहनीय
शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के समस्त शिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में कुल लगभग 01 लाख 75 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 85 प्रतिशत यानी करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रतिदिन नियमित रूप से व्हीएसके ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।
यह आंकड़े इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीकों को अपनाने से कतराते नहीं हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने की इस मुहिम में सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुदूर अंचलों में तैनात होने के बावजूद शिक्षकों द्वारा दिखाया गया यह अनुशासन शिक्षण समुदाय की उच्च पेशेवर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
- वेतन सुरक्षा: ऐप की तकनीकी त्रुटियों के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा।
- समयसीमा: 15 अगस्त तक व्हीएसके ऐप की सभी तकनीकी समस्याओं को दूर कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाने का लक्ष्य।
- सक्रिय भागीदारी: प्रदेश के 1.75 लाख शिक्षकों में से लगभग 1.5 लाख (85%) शिक्षक रोजाना ऐप से दर्ज कर रहे हैं उपस्थिति।
- हितों की रक्षा: तकनीकी कारणों से कठिनाई आने पर शिक्षकों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
शिक्षकों के सुझावों का स्वागत और सकारात्मक परीक्षण
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल व्यवस्थाओं को सफल बनाने में शिक्षकों का सहयोग अमूल्य है। शिक्षक केवल कक्षाओं में अध्यापन का कार्य ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि शासन की डिजिटल पहलों को मैदानी स्तर पर अमलीजामा पहनाने में भी महत्वपूर्ण स्तंभ की भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस अनुशासन और सहयोग का पूरा सम्मान किया जाता है।
आगामी समय में शिक्षकों से प्राप्त होने वाले सुझावों और अनुभवों के आधार पर व्हीएसके ऐप में और अधिक सुधार किए जाएंगे। इसे और अधिक सरल, उपयोगी व प्रभावी बनाया जाएगा ताकि हर वर्ग के शिक्षक बिना किसी तकनीकी तनाव के इसका उपयोग कर सकें। सरकार ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे पूर्व की भांति पूरी निष्ठा से ऐप का उपयोग जारी रखें और यदि कोई नई तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसे उचित माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचाएं। प्रत्येक सुझाव का सकारात्मक परीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि शिक्षा प्रणाली को और अधिक तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।












