उत्तर बस्तर कांकेर: दुबई के अप्रवासी भारतीय दम्पति ने कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लिया शिशु
कांकेर, 27 मई 2026: उत्तर बस्तर कांकेर जिले में संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी से एक अत्यंत सुखद खबर सामने आई है। यहाँ के 07 माह के एक शिशु को दुबई में निवासरत अप्रवासी भारतीय दम्पति, श्री निखिल सतवानी और श्रीमती स्नेहा सतवानी ने दत्तक ग्रहण विनिमय के तहत कानूनी रूप से गोद लिया है।
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया
दम्पति ने 25 मार्च 2022 को केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) में अपना पंजीयन कराया था। प्रक्रिया के अनुसार, बच्चे का रेफरल कर उसे रिजर्व किया गया। इसके बाद दम्पति ने बालक से मुलाकात की और सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए उसे स्वीकार किया। उन्होंने बच्चे की हर छोटी-बड़ी गतिविधि, जैसे करवट बदलना और मुस्कुराना, को बेहद संवेदनशीलता के साथ समझा।
समारोहपूर्वक सौंपा गया बच्चा
मंगलवार, 26 मई को आयोजित दत्तक ग्रहण समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेष मंडावी ने दम्पति को शिशु सौंपा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अनुकूल पाण्डे और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया उपस्थित थे।
एजेंसी की उपलब्धियां और आंकड़े
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस एजेंसी में 0-6 आयु वर्ग के बच्चों की देखरेख की जाती है। अब तक एजेंसी द्वारा कुल 60 बच्चों को गोद दिया जा चुका है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- छत्तीसगढ़ राज्य में: 21 बच्चे
- अन्य भारतीय राज्यों में: 31 बच्चे
- विदेशों में: 08 बच्चे
वर्तमान में, 44 भावी दत्तक माता-पिता इस एजेंसी में पंजीकृत हैं।
कानूनी प्रक्रिया और जागरूकता
भारत में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 (यथा संशोधित 2021) और दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के अंतर्गत विनियमित है। इस प्रक्रिया को CARA द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
विशेष सूचना: यदि आपको कहीं कोई बेसहारा या अनाथ बच्चा मिले, तो कृपया तुरंत जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, कांकेर या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें। वैध और कानूनी तरीके से ही दत्तक ग्रहण सुरक्षित है।









