अम्बिकापुर: राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के 4-लेन निर्माण हेतु भूमि क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक
अम्बिकापुर, 15 जून 2026: सरगुजा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (कटघोरा-शिवनगर-अम्बिकापुर) के बहुप्रतीक्षित उन्नयन और 4-लेन निर्माण कार्य को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने निर्माण कार्य के सुचारू और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन और भूमि व्यपवर्तन (Land Diversion) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
निर्णय के पीछे का कारण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर ने जिला प्रशासन को एक प्रस्ताव भेजा था। इसके अनुसार, सरगुजा जिले के अंतर्गत प्रस्तावित बायपास, री-अलाइनमेंट (मार्ग का पुनर्निर्धारण) और मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान भूमि का निरंतर क्रय-विक्रय, नामांतरण या विभाजन होता रहा, तो मुआवजा निर्धारण, वास्तविक स्वामियों का सत्यापन और हिस्सेदारी तय करने में कानूनी जटिलताएँ पैदा होंगी। इन तकनीकी बाधाओं को दूर करने और परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए यह प्रतिबंध अनिवार्य माना गया है।
प्रतिबंधित क्षेत्र: ग्रामों की सूची
जारी आदेश के अनुसार, प्रारंभिक अधिसूचना से लेकर भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक, वर्तमान राष्ट्रीय राजमार्ग-130 की मध्य रेखा से दोनों ओर 50-50 मीटर की सीमा के भीतर आने वाली भूमि प्रतिबंधित श्रेणी में रहेगी। इसमें निम्नलिखित तहसीलें और ग्राम शामिल हैं:
1. तहसील उदयपुर
साल्ही, गुमगा, डांड़गांव, मनोहरपुर, दावा, विशुनपुर, पण्डरीडांड़, सोनतराई, डूमरडीह, उदयपुर, झिरमिटी एवं जजगा।
2. तहसील लखनपुर
अमगसी, अंधला, जुड़वानी, केंवरा, केंवरी, लहपटरा, रजपुरीकला एवं सिंगीटाना।
3. तहसील अम्बिकापुर
भिट्ठीकला, जोगीबांध, माझापारा, मेन्ड्राकला, सांड़बार, सुन्दरपुर एवं उदयपुर ढाब।
अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्र
उपरोक्त ग्रामों के अलावा, विशेष री-अलाइनमेंट वाले क्षेत्रों को भी चिन्हित किया गया है। नगर पंचायत लखनपुर, ग्राम पंचायत हंसडांड़ और ग्राम पंचायत कुंवरपुर के प्रस्तावित री-अलाइनमेंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सम्पूर्ण भूमि पर भी क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
प्रशासन का निर्देश
जिला प्रशासन ने संबंधित तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोई भी पंजीकरण कार्यालय (Sub-Registrar Office) प्रतिबंधित क्षेत्र की भूमि का विक्रय पत्र निष्पादित नहीं करेगा। यह निर्णय क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, सरगुजा।











