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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 सफल विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद






मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 सफल विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद


विशेष संवाद एवं राज्य विकास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 सफल विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद

प्रकाशन तिथि: अगस्त 2026 | लेखक: प्रदेश खबर डेस्क

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक अत्यंत भव्य और प्रेरणादायक विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 (NEET-2026) में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री निवास में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के गरीब, आदिवासी एवं सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों ने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक नीट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में कुल 17 प्रयास आवासीय विद्यालयों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन आवासीय विद्यालयों का मूल उद्देश्य राज्य के दूरदराज, आदिवासी बहुल क्षेत्रों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च कोटि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की सर्वोत्कृष्ट तैयारी निःशुल्क उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक सफलता में उनके माता-पिता का असीम आशीर्वाद, गुरुजनों का अटूट समर्पण और विद्यार्थियों की खुद की कठोर मेहनत व लगन समान रूप से शामिल है। मुख्यमंत्री ने सफल विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके गौरवान्वित अभिभावकों और शिक्षकों को भी इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।

भविष्य के डॉक्टरों से संवाद और संवेदनशीलता का पाठ

छात्र-छात्राओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी भविष्य के डॉक्टर बनने जा रहे हैं। भारतीय समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के ठीक बाद माना जाता है। सनातन मान्यता के अनुसार, भगवान हमें इस धरती पर जीवन देते हैं और डॉक्टर उस जीवन की रक्षा करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विशेष आग्रह किया कि वे केवल एक कुशल चिकित्सक ही न बनें, बल्कि समाज के प्रति पूरी तरह संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर भी बनें।

“मरीज के साथ एक अच्छा, सहयोगात्मक और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार स्वयं कई प्रकार की बीमारियों के उपचार का सबसे बड़ा माध्यम बन जाता है। आप सभी अपने चिकित्सीय करियर के दौरान समाज, प्रदेश और देश की सेवा को अपना सर्वोच्च और पवित्र दायित्व मानें।”

— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी बदलाव और नालंदा परिसरों का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा विकास सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अपनी खुद की संघर्षपूर्ण शिक्षा यात्रा का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को शासन की ओर से पहले की तुलना में कहीं अधिक संसाधन, सुविधाएं और बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की सुविधा के लिए प्रदेशभर में आधुनिक नालंदा परिसरों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राज्य में 34 नए नालंदा परिसर तीव्र गति से निर्माणाधीन हैं, जहां विद्यार्थियों के लिए सातों दिन और 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री की निर्बाध सुविधा उपलब्ध रहेगी।

दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां सीटों की संख्या को 50 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया है। इस हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने गर्व के साथ यह भी साझा किया कि इसी वर्ष ट्रायबल यूथ हॉस्टल के 13 मेधावी विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है, जो छत्तीसगढ़ के युवाओं की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।

मेडिकल शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य ढांचे का सुदृढ़ीकरण

राज्य में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक ही मेडिकल कॉलेज संचालित था, जबकि आज शासकीय एवं निजी संस्थानों को मिलाकर कुल 15 मेडिकल कॉलेज सफलतापर्वक चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी कर रही है, जिनके शुरू होने से एमबीबीएस (MBBS) की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी और प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी।

नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रारंभ किए गए देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देश के करोड़ों नागरिकों ने नशा न करने की शपथ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दूरदर्शी अभियान एक स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, जो आगामी दो वर्षों तक निरंतर संचालित किया जाएगा। इस अभियान में माय भारत वालंटियर्स सहित देश-प्रदेश की युवा शक्ति बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता निभा रही है।

मुख्यमंत्री के संदेश के मुख्य बिंदु

  • युवा यदि स्वस्थ, संस्कारित, परिश्रमी और नशामुक्त रहेंगे, तभी ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत’ का सपना साकार होगा।
  • नशा न केवल व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क को खोखला करता है, बल्कि यह अपराध को बढ़ावा देता है और पूरे परिवार को संकट में डालता है।
  • युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए और समाज को भी इसके घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

विद्यार्थियों के तीखे और महत्वपूर्ण प्रश्नों के बेबाक उत्तर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए विद्यार्थियों के सवालों के बड़े ही सहज, सरल और विस्तार से उत्तर दिए:

  • जगदलपुर की छात्रा नेल्सा का प्रश्न: शिक्षा संसाधनों के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रयास आवासीय विद्यालय इसी का एक बेहतरीन मॉडल हैं। इसके अलावा श्रमिक परिवारों के बच्चों के विदेश में उच्च अध्ययन का पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है।
  • अंबिकापुर की छात्रा यामिनी पैकरा का प्रश्न: नई शिक्षा नीति और शासकीय स्कूलों के उन्नयन पर मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूलों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं। स्मार्ट क्लास, स्कूलों का नवीनीकरण, शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ‘न्योता भोज’ के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल रहा है और जवाहर उत्कर्ष योजना से बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा रहा है।
  • जगदलपुर की छात्रा दिलेश्वरी साहू का प्रश्न: राजनीति और प्रशासन में युवाओं की भागीदारी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। डॉक्टर बनकर भी समाज की बड़ी सेवा की जा सकती है। राजनीति सेवा का प्रभावी माध्यम है, बशर्ते कर्तव्य निष्ठा सर्वोपरि हो।
  • सरगुजा के छात्र समीर करकेट्टा का प्रश्न: बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और पर्यटन विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और सुरक्षा बलों के साहस से 31 मार्च 2026 को प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। अब चित्रकोट, तीरथगढ़, रानीदाह और अबूझमाड़ जैसे स्थल वैश्विक पटल पर चमक रहे हैं। बस्तर के धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में जगह दी है।
  • महासमुंद के छात्र हेमंत यादव का प्रश्न: छत्तीसगढ़ के आर्थिक भविष्य पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध है और देश का 19-20 प्रतिशत लौह अयस्क यहीं उत्पादित होता है। लिथियम, सोना और यूरेनियम जैसे खनिज भी मौजूद हैं। सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरे’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ ऊर्जा सरप्लस राज्य है और उद्योग नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
  • सरगुजा के छात्र कोमल पटेल का प्रश्न: खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने रजत पदक जीता है। खेल नीति के तहत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ और रजत को 2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। जशपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है।
  • राजनांदगांव की छात्रा प्राची मलगामे का प्रश्न: अपने जीवन संघर्षों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 वर्ष की उम्र में पिता के साया उठने के बाद उन्होंने खेती-बाड़ी कर परिवार संभाला। उन्होंने कहा कि लगاتार ईमानदारी और निष्ठा से काम करने पर सफलता जरूर मिलती है।
  • सरगुजा की शाहिना अंसारी का प्रश्न: स्वच्छता अभियान पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के जरिए जनआंदोलन बनाया है, जिससे लोगों की आदतों में बड़ा बदलाव आया है।
  • दुर्ग के छात्र निखिल कुमार ठाकुर का प्रश्न: राष्ट्र निर्माण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और युवा शक्ति के बल पर 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन 1076 और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की पहल

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और प्रदेशवासियों को जानकारी दी कि हाल ही में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे शासन तक पहुंचा सकता है। इस व्यवस्था से लगभग 8 हजार अधिकारियों को जोड़ा गया है, जिससे बिजली, पानी, नामांतरण और अन्य समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ भी विकसित कर रही है, जिससे प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी। सुशासन और पारदर्शिता ही सरकार का मुख्य ध्येय है।

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