मानसून में बिजली गुल होने के कारण और सुरक्षा के जरूरी उपाय




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बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत सुरक्षा: चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बिजलीकर्मियों का समर्पण और नागरिकों की जिम्मेदारी

आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का मौसम आते ही हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा—’बिजली’—अक्सर बाधित हो जाती है। ऐसे समय में जब आम नागरिक अपने घरों में सुरक्षित रहने की कोशिश करते हैं, बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर ‘युद्ध स्तर’ पर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुट जाते हैं। बिजली वितरण कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें।

जोखिम भरा कार्य और लाइनकर्मियों का संघर्ष

विद्युत वितरण कंपनियों का मानना है कि बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से स्वचालित नहीं है। आज भी ‘ओवर हेड लाइन’ का जो जाल बिछा हुआ है, उसे चालू या बंद रखने और मरम्मत करने के लिए लाइनकर्मियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति अनिवार्य है। जब बिजली गुल होती है, तो यह मान लेना कि ‘कोई कुछ नहीं कर रहा है’ गलत है; वास्तव में उस समय कोई न कोई लाइन कर्मचारी भीषण अंधेरे और तूफानी हवाओं के बीच खंभों पर चढ़कर आपकी सुविधा के लिए लड़ रहा होता है।

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महत्वपूर्ण तथ्य: खंभों पर लगे सफेद इंसुलेटर अत्यधिक गर्मी या बिजली प्रवाह के कारण गरम हो जाते हैं। बारिश की पहली बूंद पड़ते ही उनके चटकने की संभावना रहती है, जिससे बिजली पोल के जरिए जमीन पर आ सकती है। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक स्वचालित फीडर सिस्टम काम करते हैं, जो किसी भी खतरे को भांपते ही बिजली काट देते हैं।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा

फीडर में आई खराबी को ढूंढना कोई आसान काम नहीं है। कभी-कभी मीलों लंबी लाइन में एक छोटे से फाल्ट को खोजने के लिए पूरी टीम को पैदल गश्त करनी पड़ती है। इसलिए, उपभोक्ता इस बात का ध्यान रखें कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों को दोष देने के बजाय, उनके प्रयासों को समझें और संयम रखें।

बारिश के मौसम में सुरक्षा के उपाय (एक गाइड)

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • MCB का उपयोग: अपने घरों में ‘मिनियेचर सर्किट ब्रेकर’ (MCB) जरूर लगवाएं। यह किसी भी शॉर्ट-सर्किट की स्थिति में बिजली आपूर्ति खुद-ब-खुद बंद कर देता है, जिससे जान-माल का नुकसान नहीं होता।
  • अर्थिंग की जांच: हर घर में उचित अर्थिंग होनी चाहिए और समय-समय पर किसी प्रमाणित इलेक्ट्रीशियन से उसकी जांच करवानी चाहिए।
  • सीलन से बचाव: बिजली के उपकरणों और वायरिंग को सीलन (नमी) से दूर रखें। गीली दीवारों पर बिजली के बोर्ड या स्विच न लगाएं।

पशुपालकों और किसानों के लिए विशेष हिदायत

पशुपालक विशेष सावधानी बरतें। अपने दुधारू पशुओं को बिजली के खंभों या स्टे-वायर (खंभे को सहारा देने वाला तार) से बिल्कुल न बांधें। आंधी में टूटे हुए तारों को छूने की कोशिश न करें और तुरंत संबंधित कार्यालय को सूचित करें।

आपातकालीन संपर्क:

बिजली गुल होने या आपातकालीन स्थिति में, धैर्य रखें और 15-20 मिनट रुकने के बाद ही निम्न माध्यमों से संपर्क करें:

  • काल सेंटर: 1912
  • WhatsApp चैटबॉट: 0755-2551222
  • आधिकारिक ऐप: उपाय (Upay) ऐप

याद रखें, आपकी सुरक्षा ही प्राथमिकता है। चुनौतीपूर्ण मौसम में बिजलीकर्मियों के साथ सहयोग करना एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है।