ग्वालियर में साइबर ठगी: ज्वेलर को लगा चूना, खाते में आई ‘क्राइम मनी’ तो बैंक ने किया अकाउंट सीज





ग्वालियर में साइबर ठगी: ज्वेलर का अकाउंट सीज, आरोपी गिरफ्तार

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साइबर ठगी: ज्वेलर के खाते में डाली ‘क्राइम मनी’, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

ग्वालियर। शहर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित सदर बाजार में एक सर्राफा व्यापारी साइबर अपराधियों की चालाकी का शिकार हो गया। शातिर ठग ने सोने के सिक्के खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट किया, लेकिन बाद में पता चला कि वह राशि किसी अन्य व्यक्ति से की गई साइबर ठगी की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और सोने के सिक्के बरामद कर लिए हैं।

घटना का विवरण

मुरार के रिसाला बाजार निवासी कुनाल जैन (28) सदर बाजार में ‘भीकाराम त्रिलोकचन्द सर्राफ’ के नाम से ज्वेलरी शॉप चलाते हैं। 25 मई की रात करीब 9:15 बजे जय वर्मा नामक एक युवक ग्राहक बनकर दुकान पर आया। उसने 3 लाख 31 हजार रुपये मूल्य के 20 ग्राम वजन के दो सोने के सिक्के खरीदे।

ऑनलाइन पेमेंट और उसके बाद का ‘ट्विस्ट’

आरोपी ने आरटीजीएस (RTGS) के जरिए व्यापारी के बैंक ऑफ इंडिया (मुरार शाखा) के खाते में 3.31 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जैसे ही कुनाल के मोबाइल पर पेमेंट का मैसेज आया, उन्होंने सिक्के ग्राहक को सौंप दिए। हालांकि, अगले ही दिन (26 मई) जब व्यापारी ने खाता इस्तेमाल करना चाहा, तो वह ‘सीज’ (Freeze) मिला।

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ऐसे खुला मामला

बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिस राशि से पेमेंट किया गया, वह एक बड़े साइबर फ्रॉड से जुड़ी ‘क्राइम मनी’ थी। साइबर सेल के निर्देश पर संदिग्ध राशि को होल्ड पर रखा गया था। पीड़ित ज्वेलर ने तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और घेराबंदी कर आरोपी जय वर्मा (निवासी रॉक्सीपुल) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से ठगी की राशि से खरीदे गए 20 ग्राम सोने के दो सिक्के भी बरामद हो गए हैं।


ज्वेलर्स के लिए सुरक्षा टिप्स:

  • पहचान पत्र की जांच: बड़े ट्रांजेक्शन के दौरान ग्राहक का आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसे वैध पहचान पत्र की फोटोकॉपी जरूर लें।
  • अकाउंट पर नज़र: अनजान व्यक्ति द्वारा सीधे बड़े ऑनलाइन ट्रांसफर पर सावधानी बरतें। यदि संभव हो, तो भुगतान के स्रोत की पुष्टि करें।
  • सूचना साझा करें: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति के अजीब व्यवहार की जानकारी तुरंत अपने स्टाफ और स्थानीय पुलिस के साथ साझा करें।
  • साइबर सेल से संपर्क: किसी भी प्रकार का ऑनलाइन फ्रॉड महसूस होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।