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MP Board 12th Second Chance Exam 2026: 84 हजार विद्यार्थी हुए सफल, मुख्यमंत्री ने दी बधाई





मध्य प्रदेश बोर्ड: 12वीं की द्वितीय अवसर परीक्षा में 84 हजार विद्यार्थी सफल, मुख्यमंत्री ने दी बधाई



मध्य प्रदेश: 12वीं की द्वितीय अवसर परीक्षा में 84 हजार विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम

भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय अवसर परीक्षा-2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर अपने भविष्य की राह को सुगम बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

ऐतिहासिक पहल: पूरक परीक्षा के स्थान पर ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर चर्चा करते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रदेश के विद्यार्थियों के हित में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल की है। इस वर्ष पहली बार पारंपरिक पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) के स्थान पर ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ (Second Chance Exam) का आयोजन किया गया। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन में लचीलापन भी लाता है।

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परीक्षा का मुख्य उद्देश्य और लाभ

  • अपेक्षित परिणाम न मिलने पर मौका: जो विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में अपेक्षित अंक प्राप्त नहीं कर सके, उन्हें अपनी योग्यता सिद्ध करने का यह दूसरा अवसर प्रदान किया गया।
  • श्रेणी सुधार (Category Improvement): वे विद्यार्थी जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते थे, वे भी इस परीक्षा में शामिल होकर अपनी मेरिट बेहतर करने में सफल रहे।
  • अनिवार्य कारणों से छूटने वालों के लिए वरदान: कई विद्यार्थी गंभीर बीमारी या अन्य अपरिहार्य व्यक्तिगत कारणों से मुख्य परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाते थे। यह नई व्यवस्था उनके लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बदलाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ के लक्ष्यों से जोड़ते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों पर परीक्षा का मानसिक बोझ कम करना और उन्हें सीखने के लिए अधिक अवसर प्रदान करना है। इस पहल ने हजारों विद्यार्थियों के सपनों, उनके आत्मविश्वास और भविष्य के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगाई है।

सफलता के आंकड़े: एक नजर में

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस द्वितीय अवसर परीक्षा में कुल 1 लाख 42 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इन विद्यार्थियों में से 84 हजार विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का सफल होना यह दर्शाता है कि विद्यार्थी अपने करियर के प्रति जागरूक हैं और उन्हें यदि सही समय पर अवसर मिले, तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

भावी शिक्षा की दृष्टि से महत्व

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अब सफल विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के लिए पात्र हो गए हैं। इस समय रहते परिणाम आने से विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं हुआ और वे समय पर अपने अगले शैक्षिक सत्र की शुरुआत कर सकेंगे।


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