भारत की बड़ी रक्षा उपलब्धि: मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण
भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम का सफल परीक्षण किया है[cite: 1]। इस तकनीक के साथ, भारत अब उन चुनिंदा पांच देशों (अमेरिका, रूस, इजराइल, चीन) के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) जैसे खतरों को हवा में ही मार गिराने की क्षमता है[cite: 1] ।
मुख्य विशेषताएं:
- लेयर्ड डिफेंस: दुश्मन की मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले कई स्तरों पर नष्ट करने की क्षमता[cite: 1] ।
- ICBM इंटरसेप्शन: यह सिस्टम 5000 किमी से अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों को रोकने में सक्षम है[cite: 1] ।
- परीक्षण विवरण: DRDO ने 10 और 11 जून को ओडिशा के चांदीपुर में लगातार 3 सफल फ्लाइट टेस्ट किए[cite: 1] ।
भारतीय सेना को मिले 106 ‘कामिकाजे’ ड्रोन
भारतीय सेना की मारक क्षमता को और अधिक आधुनिक बनाते हुए, स्वदेशी कंपनी SMPP ने 106 ‘कामिकाजे’ (Kamikaze) ड्रोन सेना को सौंपे हैं[cite: 1]। इन्हें ‘पीसकीपर (अग्निवेग)’ नाम दिया गया है[cite: 1] ।
ड्रोन की ताकत:
- रेंज: 180 किलोमीटर[cite: 1] ।
- रफ्तार: 450 किमी प्रति घंटा[cite: 1] ।
- विशेषता: टर्बोजेट इंजन से लैस, ये ड्रोन जैमिंग के प्रभाव से मुक्त हैं और अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदने में सक्षम हैं[cite: 1] ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मिसाइल परीक्षण के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के आसपास के 11 गांवों से लगभग 11,442 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था[cite: 1]। परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, सभी निवासियों को अपने घर लौटने की अनुमति दी गई[cite: 1] ।












