मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियां और भावी योजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं
भोपाल, मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद् की बैठक से पूर्व मंत्रीगणों के साथ एक महत्वपूर्ण चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की विभिन्न उपलब्धियों, केंद्र सरकार की सराहना और भविष्य की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प को साकार करना है।
1. नक्सलवाद का अंत और विकास की नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्व के साथ साझा किया कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि “लाल सलाम को आखिरी सलाम” करने में मध्यप्रदेश ने पूरे देश में बाजी मारी है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में भी मध्यप्रदेश के विकास मॉडल की सराहना की गई है।
2. समान नागरिक संहिता (UCC) पर जन-भागीदारी
प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नीति निर्माण में जनसामान्य के सुझावों का महत्व सर्वोपरि है।
- सुझाव की अंतिम तिथि: 22 जून तक।
- ऑनलाइन पोर्टल: ucc.mp.gov.in पर सुझाव दिए जा सकते हैं।
- निर्देश: सभी जिलों में प्रचार-प्रसार कर जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: ‘स्वस्थ आयु के लिये योग’
21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिये योग’ है। राज्य भर में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें केंद्रीय आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन होगा।
4. पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र में राष्ट्रीय सम्मान
मध्यप्रदेश को दो बड़ी उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं:
- पर्यटन: मुंबई में आयोजित ’10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स’ में एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता पुरस्कार” मिला है।
- ऊर्जा: गोवा में ‘ग्लोबल विंड डे – 2026’ के अवसर पर मध्यप्रदेश को “उभरती नवकरणीय ऊर्जा अवसंरचना उत्कृष्टता सम्मान” से नवाजा गया है।
5. सायबर सुरक्षा और तकनीकी नवाचार
बढ़ते सायबर खतरों को देखते हुए सरकार ने भोपाल में एक अत्याधुनिक ‘सायबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र सायबर अपराधों से निपटने, डेटा सुरक्षा और नवाचार में मील का पत्थर साबित होगा।
6. एमएसएमई (MSME) इकाइयों को प्रोत्साहन
राज्य सरकार औद्योगिक विकास के लिए एमएसएमई सेक्टर पर विशेष ध्यान दे रही है।
- वितरण: 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया।
- योजनाएं: मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और स्टार्ट-अप नीति 2025 के माध्यम से युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिक परिदृश्य बदलने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। आने वाले समय में राज्य के हर जिले में विकास की एक नई बयार देखने को मिलेगी।











