जगदलपुर में सामूहिक विवाह: 17 जोड़े बने जीवनसाथी, 2 पूर्व नक्सली दंपत्तियों ने मुख्यधारा में रखी कदम





जगदलपुर में सामूहिक विवाह: 17 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

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बस्तर में सामाजिक समरसता की नई मिसाल: 17 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

जगदलपुर | 15 जून 2026


बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में सोमवार को ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत एक भव्य और गरिमामय सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच कुल 17 जोड़ों ने सदा-सदा के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।

नक्सलवाद को छोड़ मुख्यधारा में लौटे जोड़े बने आकर्षण का केंद्र

इस विवाह समारोह की सबसे अनूठी और गौरवशाली विशेषता इसमें शामिल हुए 2 पुनर्वासित जोड़े रहे। नारायणपुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली दंपत्तियों – पिलसाय सलाम संग सिरबत्ती और पतिराम संग मनाय कश्यप ने गृहस्थ जीवन अपनाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया।

“राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत ऐसे कदमों से बस्तर में शांति और खुशहाली के एक नए युग की शुरुआत हो रही है।” – श्री किरण सिंह देव, विधायक जगदलपुर

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योजना का उद्देश्य: गरीब परिवारों को संबल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बेटियों का विवाह समाज का सबसे पुनीत कार्य है। उन्होंने कहा:

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े के नेतृत्व में प्रदेश भर में जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह कराया जा रहा है।
  • यह योजना गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रही है।
  • विगत दिनों बेमेतरा के विधायक द्वारा इस योजना में विवाह कर स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना प्रेरणादायक रहा है।

गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे:

  • श्री शलभ सिन्हा, पुलिस अधीक्षक
  • श्री रूपसिंह मंडावी, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग
  • श्री खेमसिंह देवांगन, नगर निगम सभापति
  • जनपद अध्यक्ष श्री पदलाम नाग, उपाध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम कश्यप
  • एमआईसी सदस्य श्री निर्मल पानीग्रही एवं अन्य पार्षदगण

निष्कर्ष: यह सामूहिक विवाह न केवल 17 परिवारों के लिए खुशियां लेकर आया, बल्कि बस्तर के बदलते सामाजिक परिदृश्य और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।