छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सोमवार सुबह करीब साढ़े 3 बजे 8 नाबालिग बाल सुधार गृह से भाग निकले। नाबालिगों ने पहले खिड़की की ग्रिल तोड़ी, फिर करीब 12 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार पर लगे कांटेदार तार काटकर फरार हो गए। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक फरार हुए सभी नाबालिग पिछले 4-5 महीनों से बाल सुधार गृह में रखे गए थे। इनमें 1 रेप, 2 चोरी, 3 आबकारी और 2 एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बंद थे। जबकि 2 नाबालिग ओडिशा के रहने वाले हैं। फिलहाल, पुलिस सभी नाबालिगों की तलाश में जुटी हुई है।
10 दिन पहले सरगुजा के बाल सुधार गृह में रखे गए 3 नाबालिग फरार हो गए थे। इससे पहले 24 जून को 11 बच्चे खिड़की तोड़कर बाल सुधार गृह से फरार हो गए। इसके बाद 14 जुलाई की रात पुराने और कमजोर दरवाजे को तोड़कर 13 बच्चे फिर से भाग निकले थे।
13 जुलाई को बिलासपुर जिले में बाल सुधार गृह से चार लड़के चौकीदार की हत्या कर फरार हो गए थे। चारों ने पहले चौकीदार के साथ मारपीट की, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर गला दबा दिया और मुंह में गमछा ठूंस दिया था।
27 में से 8 नाबालिग भागे
दरअसल, महासमुंद जिला मुख्यालय से लगे बरोंड़ा बाजार में बाल संप्रेक्षण गृह है, जहां कुल 27 बच्चों को रखा गया है। सोमवार तड़के जब स्टाफ की नजर खिड़की पर पड़ी तो उसकी ग्रिल टूटी हुई मिली। इसके बाद जांच की गई, पता चला कि 8 नाबालिग गायब हैं।
बाहर जाकर देखा गया तो सुरक्षा दीवार पर लगे कांटेदार तार भी कटे हुए मिले। इसके बाद फौरन मामले की जानकारी सिटी कोतवाली पुलिस, महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे और मुआयना किया।
फरार नाबालिगों की तलाश जारी
पुलिस ने जिलेभर में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के जिलों और संबंधित थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट किया गया है। संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फरार नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के रहने वाले हैं नाबालिग
फरार नाबालिगों में एक बलौदाबाजार के भाटापारा थाना क्षेत्र का है। 2 सरायपाली, एक महासमुंद, एक फिंगेश्वर और एक धमतरी जिले के कुरूद थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं दो बाल अपचारी ओडिशा के कालाहांडी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।













