बलौदाबाजार: 10 हजार रिश्वत की मांग पर मैनेजर सस्पेंड, जानें पूरा मामला





बलौदाबाजार: रिश्वतखोर शाखा प्रबंधक निलंबित

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बलौदाबाजार: मृत खातेदार के नामिनी से रिश्वत मांगने वाली प्रभारी शाखा प्रबंधक निलंबित

संवाददाता | बलौदाबाजार-भाटापारा | 16 जून, 2026

मुख्य बिंदु:

  • जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपानिया शाखा की घटना।
  • प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप।
  • कलेक्टर जनदर्शन में मिली थी शिकायत, जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।

प्रकरण का विवरण

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपानिया शाखा की प्रभारी प्रबंधक अनिता पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक मृत खातेदार के नामिनी को जमा राशि का भुगतान करने के एवज में 10 हजार रुपये की अवैध वसूली (रिश्वत) की मांग की थी।

कलेक्टर जनदर्शन में उजागर हुआ मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित नामिनी ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट आरोप लगाया कि बैंक में मृतक परिजन के नाम पर जमा राशि निकालने के लिए शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय ने काम को मंजूरी देने के बदले 10,000 रुपये की मांग की थी। रिश्वत न देने पर फाइल को अनावश्यक रूप से लटकाया जा रहा था, जिससे पीड़ित को मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

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त्वरित जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर ने मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच नोडल अधिकारी को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के अवलोकन के उपरांत यह पाया गया कि शाखा प्रबंधक द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं। बैंक के नियमों का उल्लंघन और सेवा में घोर लापरवाही पाते हुए बैंक प्रशासन ने अनिता पाण्डेय के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नोडल कार्यालय, महासमुंद में अटैच किया गया है।

प्रशासन का कड़ा संदेश

इस कार्रवाई से जिले के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सरकारी योजनाओं और आम जनता के पैसों से जुड़े कार्यों में बिचौलियों या अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने के मामलों में प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और बैंक सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन-जागरूकता

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि नागरिक जागरूक हों और उचित मंच पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटता। कलेक्टर जनदर्शन जैसे मंच भ्रष्टाचार के मामलों को सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने में प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी सेवा के बदले पैसे की मांग करता है, तो बिना डरे इसकी शिकायत उच्च स्तर पर करें।


अस्वीकरण: यह रिपोर्ट प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासनिक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं में शुचिता बनाए रखना है।