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चैत्र प्रतिपदा पर जिले के 14526 परिवारों ने किया सामूहिक गृह प्रवेश

चैत्र प्रतिपदा पर बलरामपुर के 14,526 परिवारों का सामूहिक गृह प्रवेश: नए आशियानों में सजी खुशियों की रंगोली

बलरामपुर, 30 मार्च 2025: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में 3 लाख से अधिक नवनिर्मित पक्के आवासों में चैत्र प्रतिपदा के शुभ अवसर पर सामूहिक गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन के राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बिलासपुर में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर लाभार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और गृह प्रवेश की सौगात दी। इस अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 14,526 परिवारों ने अपने नए घरों में प्रवेश किया, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की नई उम्मीद जगी।

जिला स्तरीय समारोह में उल्लास का माहौल

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत जतरो (विकासखंड बलरामपुर) में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष बबली देवी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे। इस अवसर पर लाभार्थी राजेश्वरी देवी के नवनिर्मित आवास में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लाभार्थियों को ‘आभार पत्र’, ‘खुशियों की चाबी’ एवं स्मृति चिन्ह के रूप में घड़ी भेंट की गई।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर से 3 लाख परिवारों का सामूहिक गृह प्रवेश कराया जाना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार होते देखना बेहद खुशी की बात है।

उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत जिले में 41,473 आवासों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी कर दी गई है, जिससे भविष्य में और अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आस-पास के जरूरतमंद परिवारों को इस योजना की जानकारी दें ताकि कोई भी पात्र परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।

गृह प्रवेश उत्सव: पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजन

गृह प्रवेश के इस उत्सव को यादगार बनाने के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। हितग्राहियों के घरों को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सजाया गया। घरों के आंगन में रंगोली बनाई गई, दीप प्रज्वलित किए गए और स्वागत तोरण लगाए गए। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया। इस पूरे आयोजन का उद्देश्य लाभार्थियों को एक नई शुरुआत का एहसास कराना था।

लाभार्थियों को प्रशासन की ओर से ‘खुशियों की चाबी’ सौंपी गई, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मनिर्भरता का भाव जाग्रत हुआ।

लाभार्थियों की खुशी: ‘अब हमारा भी अपना घर’

गृह प्रवेश करने वाले लाभार्थियों में से एक राजेश्वरी देवी ने कहा, “आज मेरे जीवन का सबसे बड़ा खुशी का दिन है। मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर मिला, जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आभारी हूं। अब मैं अपने परिवार के साथ किसी भी मौसम में सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी सकती हूं। मेरे घर के गृह प्रवेश के समय जिला प्रशासन और हमारे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने मेरी खुशी को और बढ़ा दिया।”

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राजेश्वरी देवी की तरह हजारों परिवारों ने अपने नए घर में प्रवेश किया और इस योजना के तहत मिले आवास को अपने जीवन की सबसे बड़ी सौगात बताया।

नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित परिवारों को मिला आशियाना

बलरामपुर जिले में 23 नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पित परिवारों को भी इस योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया गया है। जिला प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर इन परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की पहल की।

पूर्व नक्सली सीताराम सोनवानी ने कहा, “गांव में मेरी खुद की कोई जमीन नहीं थी। मैं जंगल से वनोपज इकट्ठा कर और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। आत्मसमर्पण के बाद मुझे सरकार की योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मुझे अपना पक्का घर मिल रहा है और ग्राम पंचायत से 2 डिसमिल जमीन भी आवंटित हुई है।”

सीताराम की पत्नी बिराजो, जिन्होंने उनके आत्मसमर्पण में अहम भूमिका निभाई, आज बेहद खुश हैं। वे कहती हैं, “मुझे विश्वास था कि मेरे पति बंदूक छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे। आज हमारा अपना घर बन रहा है, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद देती हूं।”

आगे की योजना: कोई भी गरीब न रहे बेघर

जिला प्रशासन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक हजारों लोगों को पक्के आवास दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी कुछ परिवार योजना से वंचित हैं। इसके लिए पुनः सर्वेक्षण का कार्य जारी है, ताकि हर पात्र परिवार को इस योजना का लाभ मिल सके।

इसके अलावा, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने गांव और आस-पास के जरूरतमंदों को इस योजना के बारे में जागरूक करें और उनका पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।

समारोह में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

इस अवसर पर जनपद सदस्य अर्पणा भानुप्रकाश दीक्षित, सीबी सिंह, समीर सिंहदेव, दीपक गुप्ता, मंजू किस्पोट्टा, सरपंच जीत सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आनंद राम नेताम सहित जनपद सीईओ रणवीर साय, नगर के गणमान्य नागरिक भानुप्रकाश दीक्षित, अजीत सिंह, जयप्रकाश संबल, गोपाल कृष्ण मिश्र एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 14,526 परिवारों का सामूहिक गृह प्रवेश इस योजना की सफलता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम केवल घर प्रदान करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण जीवन को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

गरीबों के लिए यह योजना उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बनकर आई है। सरकार की मंशा है कि हर गरीब को अपना पक्का घर मिले और इस दिशा में प्रशासन लगातार काम कर रहा है। आने वाले वर्षों में और अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की परिकल्पना साकार होगी।

 

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