छत्तीसगढ़ में पहले AI डाटा सेंटर पार्क का भूमिपूजन, 1000 करोड़ लागत से नवा रायपुर में होगा विकास

छत्तीसगढ़ को मिलेगा पहला AI डाटा सेंटर पार्क, मुख्यमंत्री 3 मई को करेंगे भूमिपूजन

रायपुर, 01 मई 2025: छत्तीसगढ़ में तकनीकी विकास की दिशा में एक और बड़ी पहल करते हुए राज्य का पहला AI एक्सक्लूजिव डाटा सेंटर पार्क अटल नगर, नवा रायपुर में स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगामी 3 मई 2025 को सुबह 11:30 बजे इस परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह पार्क सेक्टर-22 (CBD रेलवे स्टेशन के पास) स्थित होगा।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

इस भव्य कार्यक्रम में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह डाटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ में फैला होगा, जिसमें से 2.7 हेक्टेयर क्षेत्र को स्पेशल इकनॉमिक जोन (SEZ) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये है। इसे रेस बैंक डाटा सेंटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मुख्यमंत्री साय की सरकार आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में प्रदेश में 1163 करोड़ की लागत से सेमीकंडक्टर यूनिट की भी आधारशिला रखी गई है। इन पहलों से छत्तीसगढ़ तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

AI की प्रगति डाटा सेंटरों पर निर्भर करती है। बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग, माइनिंग और एनालिटिक्स के लिए उच्च क्षमता वाले डाटा सेंटर जरूरी हैं। छत्तीसगढ़, जो कि पावर सरप्लस राज्य है, इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त स्थान बनता जा रहा है।

राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में भी उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। सिंगल विंडो सिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ बिजनेस जैसी योजनाएं निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना रही हैं।

डाटा सेंटर पार्क के निर्माण से जहां छत्तीसगढ़ को टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई पहचान मिलेगी, वहीं इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। साथ ही, यह पहल छत्तीसगढ़ को देश के पावर हब और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।