अंग्रेजों की चाटुकारिता करने वाले कांग्रेस को वंदे मातरम का पाठ न पढ़ाएं, आरएसएस-भाजपा जारी करे अपने कार्यालय का वीडियो: सुशील आनंद शुक्ला
रायपुर, 17 अगस्त 2026: प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि बीते तीन दिनों से भाजपा का हर छोटा-बड़ा नेता कांग्रेस को ‘वंदे मातरम’ के सम्मान का पाठ पढ़ा रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बारे में अनर्गल और झूठी बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में पूरे सम्मान के साथ वंदे मातरम का गायन हुआ था।
- आजादी के समय अंग्रेजों का साथ देने वाले आज कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ा रहे।
- आरएसएस और भाजपा को खुली चुनौती: अपने कार्यालयों में वंदे मातरम गाने का वीडियो जारी करें।
- 52 वर्षों तक मुख्यालय पर तिरंगा न फहराने वाले लोग आज देशभक्ति पर प्रलाप कर रहे।
- कांग्रेस ने आजादी के संग्राम में वंदे मातरम को जन-जागरण का हथियार बनाया था।
आजादी के समय अंग्रेजों का साथ देती थी भाजपा की मूल विचारधारा
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तब कांग्रेस के नेता वंदे मातरम गाकर अंग्रेजों का डटकर विरोध करते थे, जबकि भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि के लोग अंग्रेजों की चाटुकारिता में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस को कांग्रेस को देशभक्ति और वंदे मातरम का पाठ सिखाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भाजपा को खुली चुनौती- अपने दफ्तर का वीडियो जारी करे
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने हर आधिकारिक कार्यक्रम में नियमपूर्वक वंदे मातरम का गायन करती है। आरएसएस और भाजपा में हिम्मत है तो वे अपने कार्यालयों में वंदे मातरम गाने का एक वीडियो सार्वजनिक करें। जो लोग 52 सालों तक अपने नागपुर मुख्यालय पर तिरंगा तक नहीं फहरा सके, वे आज राजनीतिक लाभ के लिए वंदे मातरम पर प्रलाप कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री से लेकर छोटे नेता तक कर रहे दिखावा
संचार विभाग प्रमुख ने कहा कि वंदे मातरम के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए कांग्रेस को भाजपा से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब कांग्रेस इसे क्रांति का मंत्र मानकर गाती थी, तब ये लोग इसका विरोध करते थे। आज प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भाजपा का हर छोटा-बड़ा नेता खुद को बड़ा देशभक्त साबित करने के लिए बयानबाजी कर रहा है, जो महज एक राजनीतिक दिखावा है।














