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कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से ज्ञापन 

कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र पूरा करने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से ज्ञापन

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अम्बिकापुर। छत्त्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला शाखा सरगुजा के द्वारा कलेक्टर जिला सरगुजा के माध्यम से माननीय माननीय मुख्यमंत्री छत्त्तीसगढ़ शासन एवं माननीय मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को प्रेषित करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि केन्द्र एवं मध्यप्रदेश के कर्मचारियों तथा पेंशनरों को वर्तमान में 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है, जबकि राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है। फलस्वरूप केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश दिनांक से महंगाई भत्ता में 2 प्रतिशत की वृद्धि की जावें, शिक्षकों के विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही, केंद्रीय कर्मचारियों एवं अविभाजित मध्यप्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण, शिक्षक/लिपिक सहित विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति दूर करने हेतु गठित समिति का प्रतिवेदन यथाशीघ्र सार्वजनिक, प्रदेश के सभी संवर्गों के अधिकारी/कर्मचारियों को सेवाकाल में चार स्तरीय वेतनमान संबंधी आदेश शीघ्र जारी, उत्तर प्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ अधिकारी/कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था, सभी संवर्गों के लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु निर्देश जारी, संविदा, दैनिक, अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जावे तथा मध्यप्रदेश की भांति सेवा सुरक्षा सुनिश्चित, शासन द्वारा श्रम सम्मान निधि का भुगतान आदेश पुनश्च सभी विभागों को प्रदाय, अनुकम्पा नियुक्ति से आये लिपिकों हेतु पूर्व की भांति कार्यालय प्रमुख/विभागाध्यक्ष एवं अन्य तकनीकी संस्थानों कौशल परीक्षा हेतु अधिकृत किया जावे, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था जटिल एवं सामान्य लोगों के लिये होने के कारण समय पर परीक्षा आयोजित नहीं हो पा रही है, सभी विभागों के आकस्मिक निधि से नियमित सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण दिये जाने संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग से जारी किया जावे, ताकि कर्मचारी को बार-बार माननीय न्यायालय की शरण में जाना ना पड़े, शासकीय सेवा में नियुक्त होनेवाले अधिकारी/कर्मचारी की नियुक्ति दिनांक से एक वर्ष के भीतर मृत्यु होने पर भी अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान के आदेश जारी, संघों को अविभाजित मध्यप्रदेश की भांति स्थाई मान्यता जारी, मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को विलोपित करने हेतु विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित, केन्द्र के देय तिथि और दर पर मोदी की गारंटी के तहत पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को एरियर सहित डीआर देने का निर्णय कैबिनेट से पारित किया जावे, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के मांग पर पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय के स्थापना के बाद अब संयुक्त संचालक पेंशन और जिला पेंशन कार्यालय की स्थापना तत्काल की जावे, कैशलेश मेडिकल सुविधा का लाभ सभी सरकारी अस्पतालों के साथ सरकारी कर्मचारियों की भांति राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी निजी अस्पतालों में भी सुविधा देने के आदेश प्रसारित, सेवानिवृत नियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन अवधि के लिए गणना में लिया जावे और उन्हें भी अन्य सेवानिवृत कर्मचारियों की भांति सभी आर्थिक लाभ, अनुकम्पा नियुक्ति में 10 प्रतिशत एवं 25 प्रतिशत की सीमा बंधन को शीथील करते हुए मृतक कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में होने के बावजूद भी आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति अनिवार्य रूप से दिया जावे एवं अन्य मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौपते समय प्रदेश महामंत्री आनंद सिंह यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय यादव, जिला सचिव संतोष दुबे, जिला कोषाध्यक्ष सुधीर राणा, अम्बिकापुर ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश मिश्रा, संगठन सचिव विकास गुप्ता, मुकुंदलाल साहू, सह कोषाध्यक्ष मुकेश झलरिया, शीतल बहादुर, योगेन्द्र सिंह, अजय एक्का, एसके तिर्की, रूपकुमार पैकरा, संजय कुमार, जगदीश नेटी, कल्याण सिंह राज एवं अन्य उपस्थित थे।

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