छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यरायपुर

भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली में ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। पंचायतों से लेकर संविधान सभा तक लोकतंत्र की मजबूत नींव पर जोर दिया गया।

भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर/नई दिल्ली, 24 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है और विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने का सबसे अहम माध्यम रही हैं।
वे आज नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ विषय पर संबोधित कर रहे थे।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

लोकतंत्र की जड़ें पंचायतों से

डॉ. सिंह ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की जीवित इकाई रही हैं, जहां सामूहिक निर्णयों और चर्चाओं से विवादों का समाधान होता था। यह परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ़ है। उन्होंने 1946 में गठित संविधान सभा को लोकतंत्र का अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र सिर्फ शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

सम्मेलन का महत्व

यह सम्मेलन भारत के प्रथम निर्वाचित स्पीकर वीर विठ्ठल भाई पटेल की जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया। सम्मेलन में भारत के कई राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं। मुख्य विषय भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने की दिशा में विचार-विमर्श है।

यह आयोजन केवल लोकतांत्रिक परंपराओं की पुनःस्मृति नहीं बल्कि भारत को “ग्लोबल डेमोक्रेसी मॉडल” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यहां उठी आवाजें भविष्य की नीति और जनभागीदारी का स्वरूप तय करेंगी।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!