
Shri Ram Janmabhoomi Aarti Today: जानिए कब और कैसे होती है रामलला की भोर और संध्या आरती
8 अक्टूबर 2025 को अयोध्या धाम में भगवान श्रीरामलला का भव्य श्रृंगार और आरती संपन्न हुई। जानिए आरती का समय, भोग व्यवस्था और दर्शन की पूरी जानकारी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या में प्रतिदिन होने वाली रामलला की आरती और श्रृंगार का पूरा विवरण पढ़ें।
8 October Ramlala Aarti Live: अयोध्या धाम में आज हुई भव्य आरती, भक्तों ने लिया अलौकिक श्रृंगार दर्शन – देखें वीडियो।
अयोध्या, 8 अक्टूबर 2025 | विशेष रिपोर्ट – प्रदेश खबर| अयोध्या धाम में आज वह दृश्य देखने को मिला, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। भव्य श्रीराम मंदिर में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार का आज ऐसा श्रृंगार हुआ कि पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
सुबह की आरती के समय मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु मौजूद रहे — यह संख्या अब तक की सप्ताह की सबसे बड़ी उपस्थिति मानी जा रही है।
दिल्ली से विशेष पुष्प, लखनऊ से आया प्रसाद
आज के श्रृंगार का विशेष आकर्षण रहा दिल्ली से मंगाए गए फूल — जिनसे रामलला की माला और सिंहासन सजाया गया। इन पुष्पों की सुगंध से मंदिर का हर कोना महक उठा।
वहीं, लखनऊ से विशेष खीर, पंचमेवा और तुलसी मिश्रित प्रसाद अर्पित किया गया।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, आज के भोग में करीब 21 प्रकार के व्यंजन बनाए गए थे, जिनमें बाल भोग, मध्यान्ह, संध्या और शयन भोग प्रमुख रहे।
सुबह 6:30 बजे से शुरू हुआ पूजन, 8:30 बजे शयन आरती तक कार्यक्रम
प्रभु श्री रामलला को प्रातःकाल जगाने के साथ ही पूजन प्रारंभ हुआ।
6:30 बजे मंगल आरती, 12 बजे मध्यान्ह भोग आरती, 7:30 बजे संध्या आरती और 8:30 बजे शयन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
हर आरती के समय दर्शनार्थियों की भीड़ इतनी अधिक रही कि प्रबंधन को लाइनें नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त मार्ग खोलने पड़े।
भक्त बोले — “आज का श्रृंगार अलौकिक, जैसे साक्षात स्वयं विष्णु प्रकट हुए हों”
श्रद्धालु जयकुमार शुक्ला (कानपुर) ने कहा — “ऐसा श्रृंगार पहले कभी नहीं देखा। रामलला के चेहरे पर तेज और करुणा दोनों एक साथ झलक रहे थे।”
वहीं बिहार से आईं सरस्वती देवी ने कहा — “जब आरती हुई तो ऐसा लगा जैसे पूरा ब्रह्मांड राममय हो गया।”
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, ड्रोन से की गई निगरानी
अयोध्या प्रशासन ने आज सुबह से ही सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की थी।
लगभग 1500 पुलिसकर्मी और 300 होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया।
आरती के समय मंदिर परिसर के ऊपर से ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।
एसपी (अयोध्या) ने बताया — “श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन के मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है।”
‘रामलला अब हर भक्त के हृदय में विराजमान’ — पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास
मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा —
“प्रभु रामलला का श्रृंगार केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि श्रद्धा का संदेश है। अयोध्या अब अध्यात्म का केंद्र बन चुकी है। हर दिन भक्तों की संख्या बढ़ रही है। यह रामराज्य के भाव को पुनर्जीवित करने जैसा है।”
आस्था और पर्यटन दोनों का संगम
राम मंदिर निर्माण के बाद से अयोध्या में पर्यटन और आस्था दोनों का संगम देखने को मिल रहा है।
8 अक्टूबर को हुए इस भव्य श्रृंगार कार्यक्रम में न सिर्फ स्थानीय श्रद्धालु, बल्कि विदेशों से आए भक्तों ने भी हिस्सा लिया।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में साढ़े सात लाख से अधिक दर्शनार्थी अयोध्या पहुंचे हैं।
सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन
आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि (विक्रम संवत 2082) है।
इस दिन रामलला का श्रृंगार ‘चंद्र प्रभा थीम’ पर किया गया, जिसमें चांदी और नीले रंग की झिलमिल पोशाकें प्रमुख रहीं।
श्रृंगार में प्रयुक्त गहने कारीगरों द्वारा विशेष रूप से बनवाए गए — जिनमें सूर्यकांती रत्न और मोती का प्रयोग किया गया था।












