ED की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के 4 मामले, रिलायंस पावर के CFO गिरफ्तार
नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अब तक अनिल अंबानी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के चार मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं, ईडी ने रिलायंस पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार पाल को फर्जी बैंक गारंटी मामले में गिरफ्तार किया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी रिलायंस पावर और रिलायंस कम्युनिकेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों से संबंधित है।
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस समूह की कंपनियों को 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से करीब 3,000 करोड़ रुपये का लोन मिला था, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी रिलायंस समूह के लोन को फ्रॉड घोषित किया था। हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने भी रिलायंस कम्युनिकेशन और अनिल अंबानी के ऋण खातों को फ्रॉड घोषित किया।
ईडी की जांच में सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) ने कुल 12,524 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसमें से 6,931 करोड़ रुपये एनपीए (NPA) घोषित हो गए।
जांच में पता चला कि ये राशि समूह की अन्य रिलायंस कंपनियों को वापस भेज दी गई थी। इस मामले में CBI ने भी पहले FIR दर्ज की थी।
हाल ही में ईडी ने अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए भी समन भेजा था। अधिकारियों का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।










