
RJD में घमासान: कौन है रमीज नेमत? 12 केसों वाला नेता, जिस पर रोहिणी आचार्य ने साधा निशाना
RJD में चुनाव बाद घमासान के केंद्र में रमीज नेमत का नाम है। UP के पूर्व बाहुबली सांसद रिजवान जहीर के दामाद रमीज पर हत्या सहित 12 मामले दर्ज हैं और वह तेजस्वी यादव की रणनीतिक टीम में शामिल रहे। रोहिणी आचार्य ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
RJD में घमासान के केंद्र में रमीज नेमत: UP के बाहुबली पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद, 12 गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं
पटना/लखनऊ। बिहार चुनाव नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में मचा घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज नेमत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी अपने दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बोलीं—
“मेरा कोई परिवार नहीं है… उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाल दिया। पार्टी की हालत के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका जवाब देश पूछ रहा है।”
रोहिणी ने अपने पोस्टों और बयानों में जिस शख्स पर सबसे अधिक निशाना साधा, वह है रमीज नेमत, जो तेजस्वी यादव की चुनावी टीम में पिछले दो साल से “की पर्सन” माने जाते थे।
कौन हैं रमीज नेमत?
रमीज नेमत की राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश से जुड़ी है।
- रमीज समाजवादी पार्टी के पूर्व बाहुबली सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं।
- उनके पिता का नाम नियमतुल्लाह खान है, और उनका मूल कनेक्शन बलरामपुर (UP) से है—यह क्षेत्र नेपाल बॉर्डर से सटा है।
- रमीज, ससुर रिजवान जहीर के साथ कई बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं।
- रमीज और तेजस्वी यादव दोनों एक ही क्रिकेट क्लब में खेले हैं, जिसकी वजह से दोनों के बीच निकटता बढ़ी।
सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव के “वार रूम” में रमीज की अहम भूमिका रही है।
12 मुकदमों में आरोपी, जमानत पर बाहर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रमीज नेमत और उनकी पत्नी जेबा रिजवान इस समय जमानत पर बाहर हैं।
रमीज नेमत पर—
- तुलसीपुर (बलरामपुर) और
- कोखराज (कौशांबी)
थानों में हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं।
2021 के बलरामपुर बवाल में भी रमीज का नाम सामने आया था।
फिरोज ‘पप्पू’ हत्याकांड में आरोप
रमीज पर सबसे गंभीर आरोप 4 जनवरी 2022 को तुलसीपुर नगर पंचायत के चेयरमैन फिरोज उर्फ ‘पप्पू’ की हत्या से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार हत्याकांड के पीछे राजनीतिक अदावत थी।
- रमीज के ससुर रिजवान जहीर अपनी बेटी जेबा रिजवान को चेयरपर्सन बनवाना चाहते थे।
- लेकिन चुनाव में जीत फिरोज पप्पू की पत्नी को मिली।
इस हत्याकांड में—
- रिजवान जहीर अभी भी जेल में हैं,
- जबकि रमीज नेमत और जेबा रिजवान गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर हैं।
UP और बिहार की सियासत में सक्रियता
जमानत पर होने के बावजूद रमीज पर आरोप है कि वह
- सपा के बाहुबली पूर्व सांसद (ससुर) के नेटवर्क का उपयोग कर
- बलरामपुर की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बिहार में तेजस्वी की रणनीति टीम में उनकी भूमिका बहुत प्रभावशाली रही।
RJD में क्या हो रहा है?
14 नवंबर को चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था—
“अब RJD में घमासान मचेगा।”
चुनाव नतीजों के 24 घंटे के भीतर ही यह भविष्यवाणी सच होती दिखी।
रोहिणी आचार्य ने RJD छोड़ने का संकेत देते हुए कहा—
“उन्हें (तेजस्वी) जिम्मेदारी नहीं लेनी है… पार्टी इस हालत में क्यों है, इसका जवाब उन्हें देना चाहिए।”
रोहिणी ने अपने बयानों में सबसे अधिक निशाना रमीज नेमत और संजय यादव पर साधा।












