Advertisement

अडानी भगाओ–छत्तीसगढ़ बचाओ: रायखेड़ा तिल्दा में श्रमिकों के धरने में शामिल हुए भूपेश बघेल

 “अडानी भगाओ–छत्तीसगढ़ बचाओ”: रायखेड़ा तिल्दा में श्रमिक धरने में शामिल हुए भूपेश बघेल

रायखेड़ा (तिल्दा)।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने शनिवार को रायखेड़ा, तिल्दा में अडानी गेट के समक्ष चल रहे श्रमिकों के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने “अडानी भगाओ–छत्तीसगढ़ बचाओ” के नारे के साथ अडानी समूह और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

धरना स्थल पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, श्रमिक संगठन और आम नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने श्रमिक अधिकारों, स्थानीय रोजगार और संसाधनों के संरक्षण को लेकर नारेबाजी की।

श्रमिकों के साथ खड़े हुए भूपेश बघेल

धरना स्थल पर पहुंचते ही भूपेश बघेल ने श्रमिकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मजदूरों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और भविष्य को बचाने की लड़ाई है।

भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में बड़े उद्योगों के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए श्रमिकों और ग्रामीणों के अधिकारों को कुचला जा रहा है

“छत्तीसगढ़ की संपदा पर कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन इसका लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के सामने झुक गई है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.18.43
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.56.51
ChatGPT Image Aug 8, 2026, 10_06_26 PM

भूपेश बघेल ने कहा,
“छत्तीसगढ़ की संपदा पर किसी एक कॉरपोरेट का कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस मजदूरों और आम जनता के साथ खड़ी है।”

अनिश्चितकालीन धरने की पृष्ठभूमि

बताया जा रहा है कि रायखेड़ा क्षेत्र में अडानी समूह से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर श्रमिकों और स्थानीय लोगों में लंबे समय से असंतोष है। श्रमिक रोजगार, कार्य शर्तों, सुरक्षा और स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं

धरना स्थल पर मौजूद श्रमिक नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेसजनों और आम जनता की बड़ी मौजूदगी

धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में अडानी परियोजना के विरोध और श्रमिकों के समर्थन की बात कही।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे भाजपा सरकार की कॉरपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन बताया।

राजनीतिक संकेत और आगे की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भूपेश बघेल की इस धरने में मौजूदगी से आंदोलन को और मजबूती मिली है। कांग्रेस इस मुद्दे को आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन का रूप दे सकती है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार और अडानी समूह ने श्रमिकों की मांगों की अनदेखी जारी रखी, तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।

सरकार और अडानी समूह की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस धरना प्रदर्शन और भूपेश बघेल के आरोपों पर राज्य सरकार या अडानी समूह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


 

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM