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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने 2883 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया, 81 आरोपियों की संपत्ति कुर्क

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने 2883 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया, 81 आरोपियों में नौकरशाह, राजनेता और निजी गिरोह शामिल

रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर आंचलिक कार्यालय ने 26 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में एक पूरक अभियोग शिकायत दायर की। जांच में सामने आया कि 2019–2023 तक आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिससे लगभग 2883 करोड़ रुपये की अपराध की आय (पीओसी) उत्पन्न हुई।

ईडी ने इस घोटाले में शामिल आईएएस निरंजन दास (तत्कालीन आबकारी आयुक्त) और 30 अन्य आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की। कुर्की में 78 अचल संपत्तियां (आलीशान बंगले, प्रीमियम फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और कृषि भूमि) और 197 चल संपत्तियां (एफडी, बैंक बैलेंस, जीवन बीमा, शेयर और म्यूचुअल फंड) शामिल हैं।

जांच में यह खुलासा हुआ कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों से जुड़े सुसंगठित आपराधिक सिंडिकेट ने आबकारी विभाग पर नियंत्रण रखकर अवैध शराब निर्माण और बिक्री की। सिंडिकेट ने सरकारी दुकानों के जरिए अवैध “पार्ट-बी” शराब का उत्पादन और बिक्री की, जिसमें नकली होलोग्राम और गैर-कानूनी बोतलों का इस्तेमाल हुआ।

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ईडी की जांच के अनुसार, अधिकारियों को प्रति मामले 140 रुपये का कमीशन मिलता था। अकेले निरंजन दास ने 18 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की। कुल मिलाकर 31 अधिकारियों ने 89.56 करोड़ रुपये अर्जित किए।

इस नवीनतम कार्रवाई में 59 नए आरोपियों को शामिल किया गया, जिससे कुल आरोपियों की संख्या 81 हो गई। इनमें शामिल हैं:

  • नौकरशाह: निरंजन दास, अनिल तुतेजा, अरुण पति त्रिपाठी, 30 फील्ड-स्तरीय अधिकारी।
  • राजनीतिक अधिकारी: कवासी लखमा, चैतन्य बघेल, सौम्या चौरसिया।
  • निजी व्यक्ति और संस्थाएँ: अनवर ढेबर, अरविंद सिंह, छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज, आटिया वाइन मर्चेंट्स, वेलकम डिस्टिलरीज, सिद्धार्थ सिंघानिया, विधु गुप्ता।

ईडी ने कुल 382.32 करोड़ रुपये मूल्य की 1,041 संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। इसमें बंगले, होटल, दुकानें, कृषि भूमि और वित्तीय निवेश शामिल हैं।

ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य के राजस्व की रक्षा और भ्रष्ट अधिकारियों तथा निजी गिरोह की मिलीभगत उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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