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अमित शाह ने J&K में आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स जारी रखने का भरोसा दिया, सुरक्षा एजेंसियों की सराहना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में जम्मू और कश्मीर की सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और क्षेत्र में आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स को मिशन मोड में जारी रखने का भरोसा दिया। इस बैठक में उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में आतंकवाद के इकोसिस्टम को कमजोर किया है और मोदी सरकार की दिशा में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को मूर्त रूप दिया है।

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी ढांचे और उनके वित्तपोषण को नष्ट करने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन्स को रोकने या धीमा करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन्स मिशन मोड में जारी रहेंगे और सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने की छूट दी गई है।

J&K में हालिया सुरक्षा घटनाओं का विस्तृत विवरण

जम्मू और कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादी गतिविधियों में कुछ हद तक गिरावट आई है, लेकिन क्षेत्र अभी भी कुछ आतंकवादी गुटों के लिए सक्रिय स्थल बना हुआ है। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से कई बड़े आतंकवादी समूहों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।

  1. सिक्योरिटी ऑपरेशन्स:
    हाल ही में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा कई विशेष अभियान चलाए गए। इन अभियानों में आतंकवादियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में रायटिंग, तलाशी और छापेमारी की गई। कई मामलों में आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया या उनके ठिकानों को नष्ट किया गया।
  2. हाई-प्रोफाइल ग्रुप्स पर कार्रवाई:
    पिछले कुछ महीनों में जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकवादी गुटों पर विशेष ध्यान दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने इन समूहों के फंडिंग नेटवर्क, हवाई और ज़मीनी आपूर्ति चैनलों को ट्रैक किया और कई मामलों में वित्तीय स्रोतों को नष्ट किया।
  3. सुरक्षा ढांचे की मजबूती:
    जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए नई टेक्नोलॉजी और निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। ड्रोन निगरानी, स्मार्ट बाउंड्री टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट आधारित इनसर्टिक्स का इस्तेमाल करके आतंकवादी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
  4. स्थानीय सहयोग और इंटेलिजेंस नेटवर्क:
    अमित शाह ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि स्थानीय लोगों और ग्रामीण समुदायों के सहयोग से आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स की सफलता बढ़ी है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत किया है जिससे आतंकवादियों के छिपने के विकल्प सीमित हुए हैं।

आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स की रणनीति

अमित शाह ने बैठक में आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स की रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह रणनीति तीन स्तरीय है:

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  1. स्ट्राइक ऑपरेशन्स: सक्रिय आतंकवादियों को पकड़ने या निष्क्रिय करने के लिए की जाने वाली तुरंत कार्रवाई।
  2. फाइनेंसियल डिस्टर्बेंस: आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क को निशाना बनाना, जिससे उनकी गतिविधियों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध न रहें।
  3. लॉन्ग-टर्म स्टेबिलाइजेशन: क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर।

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह रणनीति न केवल आतंकवाद को रोकने में प्रभावी है, बल्कि स्थायी और दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने में भी मदद कर रही है।

मोदी सरकार का दृष्टिकोण

अमित शाह ने बैठक में मोदी सरकार की दिशा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना और वहाँ स्थायी शांति स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण में सुरक्षा और विकास दोनों का संतुलन सुनिश्चित करना शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह नीति क्षेत्र में आतंकवाद को कमजोर करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने पर भी केंद्रित है। स्थायी शांति तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय खुद सुरक्षा और विकास के मिशन में भागीदार बने।

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई यह सुरक्षा समीक्षा बैठक जम्मू और कश्मीर में सरकार की सख्त सुरक्षा नीति और आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स की मजबूती को दर्शाती है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी ढांचे और उनके वित्तीय संसाधनों को नष्ट करने के अभियान मिशन मोड में जारी रहेंगे।

साथ ही, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत से आतंकवाद के इकोसिस्टम को कमजोर किया गया है और मोदी सरकार की दिशा में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

यह बैठक और अमित शाह के बयान इस बात का संकेत हैं कि जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद रोधी ऑपरेशन्स निरंतर जारी रहेंगे और क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करने की प्रक्रिया मजबूत होगी।

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