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रामलला दर्शन योजना: 37 हजार से अधिक छत्तीसगढ़वासियों ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन – CM साय

प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी साकार: रामलला दर्शन योजना से 37 हजार से अधिक छत्तीसगढ़वासियों को मिला अयोध्या दर्शन का सौभाग्य

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता की आस्था को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना आज प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और भक्ति का सेतु बन चुकी है। इस योजना के माध्यम से अब तक 37 हजार से अधिक छत्तीसगढ़वासी अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार सेवा और सुशासन की भावना के साथ काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की वर्षों पुरानी आस्था को साकार करने का माध्यम है।

आस्था को सम्मान देने की सरकार की पहल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्शों के प्रतीक हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि प्रदेश के गरीब, वृद्ध, महिला और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु भी बिना किसी आर्थिक बोझ के प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकें।

श्री रामलला दर्शन योजना इसी सोच का परिणाम है। इस योजना के तहत चयनित श्रद्धालुओं को यात्रा, ठहराव, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिला है। ऐसे कई श्रद्धालु हैं, जिनके लिए अयोध्या जाना जीवनभर का सपना था, लेकिन आर्थिक कारणों से यह संभव नहीं हो पा रहा था।

श्रद्धालुओं का कहना है कि राज्य सरकार की यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन में प्रभु श्रीराम के दर्शन अयोध्या में कर पाएंगे।

सुव्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा व्यवस्था

राज्य सरकार द्वारा यात्रा को पूरी तरह सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया गया है। श्रद्धालुओं को समूहों में ले जाया जाता है, जहां प्रशासनिक अमला और स्वयंसेवक पूरे समय उनके साथ रहते हैं। स्वास्थ्य सुविधा, दवाइयों, ठहरने और भोजन की विशेष व्यवस्था की जाती है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

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सरकार का प्रयास है कि बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष प्राथमिकता मिले। इसके लिए यात्रा के दौरान व्हीलचेयर, सहायक कर्मियों और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।

प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को बताया आधार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा देश की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सनातन मूल्यों को मजबूती देने का कार्य किया है।

राम मंदिर निर्माण के बाद अब सरकारों की जिम्मेदारी है कि आम जनता तक इसके दर्शन का अवसर पहुंचे। छत्तीसगढ़ सरकार इसी भावना के साथ इस योजना का संचालन कर रही है।

प्रदेशभर में मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया

रामलला दर्शन योजना को लेकर प्रदेशभर में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह योजना सरकार और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करती है।

श्रद्धालुओं के अनुभव साझा करते हुए कई परिवारों ने बताया कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे यादगार यात्रा बन गई है। अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन के समय भावनाएं स्वतः ही छलक पड़ीं।

धार्मिक पर्यटन को भी मिल रहा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देती है। साथ ही इससे धार्मिक स्थलों के प्रति युवाओं में भी आस्था और रुचि बढ़ रही है।

सरकार भविष्य में इस योजना के विस्तार पर भी विचार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके।

सेवा और सुशासन का मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार का मूल मंत्र “सेवा और सुशासन” है। चाहे वह धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय हो या जनकल्याण की योजनाएं, सरकार हर वर्ग के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इस विश्वास को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

आस्था, विश्वास और विकास का संगम

श्री रामलला दर्शन योजना आज छत्तीसगढ़ में आस्था, विश्वास और सुशासन के संगम के रूप में देखी जा रही है। यह योजना न केवल धार्मिक भावनाओं को सम्मान देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकार आम नागरिकों के भावनात्मक और सांस्कृतिक सरोकारों को कितनी गंभीरता से ले रही है।

प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह योजना एक ऐसा अनुभव बन चुकी है, जिसे वे जीवनभर नहीं भूलेंगे।

 

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