
आज की प्रमुख गतिविधियां: प्रधानमंत्री मोदी की यूरोपीय आयोग से अहम मुलाकात, भारत रंग महोत्सव और इंडिया एनर्जी वीक पर फोकस
27 जनवरी 2026 की प्रमुख गतिविधियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूरोपीय आयोग और यूरोपीय परिषद के साथ 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता, 25वें भारत रंग महोत्सव का आयोजन और गोवा में इंडिया एनर्जी वीक का शुभारंभ शामिल है।
आज की प्रमुख गतिविधियां: प्रधानमंत्री मोदी की यूरोपीय आयोग से अहम मुलाकात, भारत रंग महोत्सव और इंडिया एनर्जी वीक पर फोकस
नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026|सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आज देश में राजनीतिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों में भारत की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत और स्वच्छ ऊर्जा के संकल्प की स्पष्ट झलक देखने को मिल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। यह शिखर सम्मेलन भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर अहम चर्चा का मंच बनेगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे नई दिल्ली एयर पैनल और स्वच्छता विभाग के विशेष अतिथियों से संवाद करेंगे, जिसमें स्वच्छ भारत अभियान और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सांस्कृतिक क्षेत्र में, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘भारत रंग महोत्सव’ का 25वां संस्करण देशभर में उत्साह के साथ जारी है। यह महोत्सव अब तक का सबसे व्यापक संस्करण माना जा रहा है, जिसमें देश के 20 स्थानों पर नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें भारतीय रंगमंच की विविधता और रचनात्मकता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
इसके अलावा, ऊर्जा क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता हुआ ‘इंडिया एनर्जी वीक’ का चौथा संस्करण आज गोवा में प्रारंभ हो रहा है। इस आयोजन में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास पर गहन विचार-विमर्श होगा।
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से आज का दिन भारत की कूटनीतिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।










